हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में दशहरा पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रमों और दशहरा मेलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की है। शहर के विभिन्न स्थानों पर होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी किया गया है। इसके तहत मेला स्थलों के आसपास कई प्रमुख मार्गों पर सामान्य वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, रावण दहन देखने आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांच स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था निर्धारित की गई है। पुलिस का उद्देश्य त्योहार के दौरान जाम की समस्या को रोकना और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

दशहरा पर्व के दौरान शहर के प्रमुख मैदानों और सार्वजनिक स्थानों पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। इन आयोजनों में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष योजना तैयार की है।

दशहरा मेले के आसपास वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित

हरिद्वार पुलिस द्वारा जारी यातायात व्यवस्था के अनुसार, रावण दहन और दशहरा मेला स्थलों के आसपास सामान्य वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।

इसका उद्देश्य आयोजन स्थलों के नजदीक अनावश्यक भीड़ और यातायात जाम की स्थिति पैदा होने से रोकना है।

पुलिस ने ऐसे मार्गों पर विशेष निगरानी रखने की योजना बनाई है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है।

भीड़ बढ़ने की स्थिति में यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जाएगा।

हालांकि, वर्ष 2026 के लिए प्रत्येक प्रतिबंधित मार्ग और डायवर्जन की समयावधि का विस्तृत आधिकारिक विवरण स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका है।

पांच स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था

दशहरा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराने के लिए पांच स्थानों पर पार्किंग सुविधा निर्धारित की गई है।

इन स्थानों पर वाहन खड़े होने से मेला स्थलों के आसपास सड़कों पर अनावश्यक दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की अपील की है।

आयोजन स्थलों के प्रवेश द्वार और मुख्य सड़कों पर वाहन खड़ा करने से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

पार्किंग के पांचों स्थानों के नाम और उनकी क्षमता की अद्यतन आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। श्रद्धालुओं को स्थानीय यातायात पुलिस के निर्देशों के अनुसार वाहन खड़े करने चाहिए।

भेल क्षेत्र में रावण दहन पर विशेष निगरानी

हरिद्वार के भेल सेक्टर-चार में दशहरा के अवसर पर बड़े स्तर पर रावण दहन का आयोजन होता रहा है।

इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और आसपास के इलाकों से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

पिछले वर्षों में यहां रावण दहन के दौरान सिडकुल, सेक्टर-चार, स्वर्ण जयंती पार्क और भगत सिंह चौक के आसपास यातायात डायवर्जन लागू किया गया था।

पुलिस ने पूर्व में सेक्टर-चार चौक और आसपास के मार्गों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही रोकने की व्यवस्था भी की थी।

हालांकि, इस वर्ष इन पुराने मार्गों पर वही प्रतिबंध लागू होंगे या नहीं, इसकी पुष्टि ताजा ट्रैफिक एडवाइजरी से करना जरूरी है।

कनखल और अन्य इलाकों में भी रहेगी सतर्कता

हरिद्वार के कनखल, भीमगोड़ा, ज्वालापुर और अन्य क्षेत्रों में भी दशहरा पर्व पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इन आयोजनों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।

पुलिस को आयोजन स्थलों के आसपास पैदल आने वाले लोगों और वाहनों के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

विशेष रूप से रावण दहन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोग एक साथ अपने घरों की ओर लौटते हैं।

ऐसी स्थिति में सड़कों पर भीड़ और वाहनों का दबाव अचानक बढ़ सकता है।

इसी कारण भीड़ के निकलने के दौरान यातायात को नियंत्रित रखना आवश्यक होगा।

आपातकालीन वाहनों को मिलेगी प्राथमिकता

दशहरा मेले के दौरान प्रतिबंधित मार्गों पर आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।

एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य आवश्यक सेवाओं को आयोजन स्थलों तक पहुंचने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।

इसके लिए यातायात पुलिस और आयोजन समितियों के बीच समन्वय आवश्यक है।

भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आपातकालीन निकासी मार्ग खाली रखना भी जरूरी होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े धार्मिक आयोजनों में आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध आवाजाही दुर्घटना की स्थिति में समय पर सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

रावण दहन के दौरान उमड़ती है भारी भीड़

हरिद्वार में दशहरा पर्व धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग मेला स्थलों पर पहुंचते हैं।

आयोजन के दौरान पुतला दहन, आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण लोगों का आकर्षण बढ़ जाता है।

ऐसे में पुलिस के सामने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहती है।

मेला स्थलों के आसपास वाहनों की संख्या सीमित होने से पैदल श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवाजाही में सुविधा मिल सकती है।

भीड़ के अनुसार लागू होगा डायवर्जन

यातायात डायवर्जन की व्यवस्था को आयोजन स्थलों पर भीड़ की स्थिति के अनुसार लागू किया जा सकता है।

जहां श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होगी, वहां सामान्य वाहनों की आवाजाही सीमित की जा सकती है।

इसके अतिरिक्त यातायात पुलिस आवश्यकतानुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेज सकती है।

इसलिए लोगों को दशहरा पर्व पर घर से निकलने से पहले अपने मार्ग की स्थिति की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

स्थानीय पुलिस की आधिकारिक यातायात सूचना के अनुसार यात्रा करना अधिक सुविधाजनक होगा।

श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पालन करने की अपील

हरिद्वार पुलिस ने दशहरा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

वाहन चालकों को निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करना चाहिए और प्रतिबंधित मार्गों पर प्रवेश करने से बचना चाहिए।

इसके अलावा पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तेज गति से वाहन चलाने, सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग करने और गलत दिशा में गाड़ी ले जाने से परेशानी बढ़ सकती है।

श्रद्धालुओं को बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

रावण दहन स्थलों पर सुरक्षा का विशेष महत्व

दशहरा कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण सुरक्षा प्रबंधन महत्वपूर्ण हो जाता है।

पुतला दहन और आतिशबाजी के दौरान दर्शकों को निर्धारित सुरक्षित दूरी पर रखना जरूरी होता है।

आयोजन समितियों के लिए पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनाती और प्रवेश-निकास मार्गों की स्पष्ट व्यवस्था करना आवश्यक है।

इसके अलावा मेला स्थलों के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा होने से रोकने के लिए पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा।

घर से निकलने से पहले जांच लें ट्रैफिक प्लान

हरिद्वार में दशहरा पर्व के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

रावण दहन स्थलों के आसपास यातायात प्रतिबंध लागू होने से कुछ मार्गों पर सामान्य आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

ऐसे में वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखना सुविधाजनक होगा।

दशहरा पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकता है।

पांच स्थानों पर निर्धारित पार्किंग और मेला स्थलों के आसपास वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने की व्यवस्था से जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।

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