हरिद्वार :  उत्तराखंड सरकार ने सैन्य सेवा से लौटने वाले अग्निवीरों के रोजगार के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने वर्दीधारी सरकारी सेवाओं में भर्ती के दौरान अग्निवीरों को परीक्षा और आयु सीमा में छूट देने से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय का उद्देश्य सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए सरकारी सेवाओं में रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान बनाना है। प्रस्ताव के अनुसार, संबंधित भर्ती में उन्हें भर्ती परीक्षा, शारीरिक मानक परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट मिलेगी।
सेवा अवधि के बारे में एक तथ्य स्पष्ट करना जरूरी है। अग्निपथ योजना के आधिकारिक प्रावधानों के अनुसार, अग्निवीरों की निर्धारित प्रारंभिक सेवा अवधि चार वर्ष है। इसलिए सेना से लौटने वाले अग्निवीरों के संदर्भ में पांच वर्ष की सेवा अवधि बताना सही नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से जारी योजना के विवरण में चार वर्ष की अवधि का उल्लेख किया गया है। उत्तराखंड सरकार का निर्णय सैन्य सेवा पूरी करने के बाद वापस आने वाले अग्निवीरों के सेवायोजन से संबंधित है। 
कैबिनेट से स्वीकृत प्रस्ताव में आयु सीमा की छूट भी शामिल है। अग्निवीरों को चार वर्ष अथवा उनकी कुल सेवा अवधि के बराबर अधिकतम आयु सीमा में राहत देने का प्रावधान बताया गया है। इससे सैन्य सेवा के दौरान बिताई गई अवधि को भर्ती की आयु संबंधी व्यवस्था में ध्यान रखा जाएगा। हालांकि, किसी विशेष पद के लिए वास्तविक आयु सीमा और छूट का उपयोग संबंधित भर्ती के नियमों के अनुसार होगा। दिए गए विवरण में किसी पद की न्यूनतम या अधिकतम आयु का अलग आंकड़ा शामिल नहीं है।
निर्णय का एक प्रमुख हिस्सा भर्ती परीक्षा से छूट है। सैन्य सेवा के बाद संबंधित वर्दीधारी पदों के लिए आवेदन करने वाले पात्र अग्निवीरों को इस प्रावधान का लाभ मिलेगा। हालांकि, परीक्षा में छूट को सीधे नियुक्ति की गारंटी के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। सरकारी नौकरी के लिए संबंधित पद की पात्रता और लागू चयन व्यवस्था का महत्व बना रहता है। उपलब्ध जानकारी में सभी सेवामुक्त अग्निवीरों को तत्काल नियुक्ति देने की घोषणा नहीं है। प्रस्ताव भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित राहत से जुड़ा है।
शारीरिक मानक परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट भी इस निर्णय का हिस्सा है। दोनों शब्दों का उल्लेख अलग-अलग किया गया है और भर्ती के संदर्भ में इनके अपने प्रावधान होते हैं। सरकार ने अग्निवीरों को संबंधित परीक्षाओं में राहत देने की व्यवस्था को मंजूरी दी है। हालांकि, किसी खास विभाग, पद या श्रेणी के लिए लागू विस्तृत शर्तें दिए गए विवरण में नहीं हैं। इसलिए किसी विशेष पद पर आवश्यक सभी योग्यताएं समाप्त कर दिए जाने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
धामी कैबिनेट ने केंद्र सरकार की अपेक्षाओं के क्रम में यह प्रस्ताव स्वीकार किया है। राज्य सरकार का जोर सैन्य सेवा से लौटने वाले युवाओं के सेवायोजन पर है। अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने के बाद सरकारी रोजगार की प्रक्रिया में उन्हें राहत देने के लिए परीक्षा और आयु सीमा, दोनों से जुड़े प्रावधान सामने आए हैं। ये प्रावधान भर्ती में आने वाली निर्धारित शर्तों से संबंधित हैं। इनके आधार पर आवेदन करने वाले अग्निवीरों की व्यक्तिगत पात्रता का निर्णय संबंधित नियमों के अनुसार होगा।
दिए गए विवरण के अनुसार, हरियाणा और गुजरात के बाद उत्तराखंड ने भी अग्निवीरों के हित में यह निर्णय लिया है। हालांकि, तीनों राज्यों की व्यवस्थाओं को पूरी तरह समान नहीं माना जा सकता। यहां खबर का मुख्य विषय उत्तराखंड कैबिनेट की स्वीकृति है। अन्य राज्यों में कौन से पद शामिल हैं और वहां छूट की क्या शर्तें हैं, उनका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए उत्तराखंड के निर्णय को उसके अपने प्रावधानों के आधार पर समझना जरूरी है।
इस निर्णय के संदर्भ में कैबिनेट की मंजूरी और भर्ती शुरू होने के बीच अंतर भी बना हुआ है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई है, लेकिन आवेदन शुरू होने की तारीख, रिक्त पदों की संख्या या भर्ती कार्यक्रम का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में यह दावा नहीं किया जा सकता कि किसी निश्चित तारीख से नौकरी के लिए आवेदन लिए जाएंगे। भर्ती से संबंधित आगे की जानकारी में पद, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया स्पष्ट होने पर अभ्यर्थियों को आवेदन की स्थिति समझ आएगी।
अग्निवीरों के लिए आयु सीमा में छूट का प्रावधान विशेष रूप से सेवा अवधि से जुड़ा है। वहीं, परीक्षा संबंधी राहत चयन प्रक्रिया के निर्धारित चरणों से संबंधित है। दोनों व्यवस्थाएं एक-दूसरे से अलग हैं और प्रस्ताव में दोनों को शामिल किया गया है। किसी अभ्यर्थी को कितनी आयु छूट मिलेगी और वह किन पदों के लिए पात्र होगा, यह उसकी सेवा अवधि तथा लागू नियमों पर निर्भर करेगा। उपलब्ध विवरण में व्यक्तिगत मामलों या किसी निश्चित श्रेणी की अलग पात्रता नहीं बताई गई है।
उत्तराखंड सरकार के इस निर्णय के बाद सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए संबंधित वर्दीधारी सरकारी सेवाओं में भर्ती की शर्तों में राहत का रास्ता बना है। धामी कैबिनेट ने भर्ती परीक्षा, शारीरिक मानक एवं दक्षता परीक्षा से छूट और सेवा अवधि के अनुरूप आयु सीमा में राहत के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। आगे संबंधित भर्ती की विस्तृत शर्तें और कार्यक्रम सामने आने पर इसका व्यावहारिक स्वरूप स्पष्ट होगा। फिलहाल निर्णय का केंद्र सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले पात्र अग्निवीरों के रोजगार की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
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