हरिद्वार में मौसम का असर, रेलवे ट्रैक बाधित होने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी

Update: 2026-08-01 10:58 GMT

हरिद्वार :   उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में शनिवार को एक बड़ा व्यवधान सामने आया, जब भीमगोड़ा क्षेत्र स्थित काली मंदिर के पास रेलवे ट्रैक पर एक विशालकाय पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने के कारण हरिद्वार-देहरादून और हरिद्वार-ऋषिकेश रेल मार्ग बाधित हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों का संचालन तत्काल रोक दिया।

रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से दोनों प्रमुख रेल मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। कई ट्रेनों को हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ही रोकना पड़ा। अचानक हुए इस व्यवधान के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों को आगे बढ़ाने के बजाय पहले ट्रैक को सुरक्षित करने का फैसला लिया।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे विभाग और संबंधित प्रशासनिक टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कर्मचारियों ने ट्रैक से पेड़ हटाने का काम शुरू कर दिया है। भारी पेड़ होने के कारण इसे हटाने में समय लग रहा है। रेलवे की टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं, ताकि जल्द से जल्द रेल यातायात बहाल किया जा सके।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक पूरी तरह साफ होने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए सभी जरूरी जांच के बाद ही रेल सेवाओं को सामान्य किया जाएगा।

हरिद्वार-देहरादून और हरिद्वार-ऋषिकेश रेल मार्ग उत्तराखंड के प्रमुख रेल संपर्क मार्गों में शामिल हैं। इन मार्गों से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। खासकर धार्मिक पर्यटन के लिहाज से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी अधिक रहती है। ऐसे में रेल मार्ग बाधित होने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। अधिकारियों ने कहा कि ट्रैक को जल्द से जल्द खोलने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पेड़ अचानक रेलवे ट्रैक पर गिरा, जिससे आसपास के क्षेत्र में भी हलचल मच गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना के समय ट्रैक पर कोई ट्रेन मौजूद नहीं थी, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका।

रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीमें पेड़ हटाने के साथ-साथ यह भी जांच कर रही हैं कि पेड़ किस वजह से गिरा। बारिश, तेज हवा या अन्य प्राकृतिक कारणों की भी संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जैसे ही ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित होगा, ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे कर्मचारी स्टेशन पर मौजूद रहकर आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध करा रहे हैं।

फिलहाल हरिद्वार रेलवे स्टेशन और प्रभावित मार्गों पर रेलवे की टीमें सक्रिय हैं। प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द रेल यातायात बहाल कर यात्रियों को राहत दी जा सके।

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