कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती की कथित बेहिसाब संपत्तियों को लेकर जांच तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से प्रवर्तन निदेशालय (ED) को दी गई जानकारी के बाद चक्रवर्ती अब मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दायरे में भी आ गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अघोषित और बेनामी संपत्तियां होने का आरोप है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में हुई थी गिरफ्तारी
देबराज चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल पुलिस की STF ने कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उनकी संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की गई।
पुलिस की जानकारी के आधार पर अब ED यह जांच कर रही है कि कथित तौर पर इतनी बड़ी संपत्ति किस तरह अर्जित की गई और क्या इसमें किसी अवैध धन का इस्तेमाल हुआ।
ED खंगालेगी संपत्तियों का स्रोत
ED की जांच में कथित अघोषित संपत्तियों के स्रोत, बैंक लेनदेन, जमीन-जायदाद और बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। एजेंसी यह भी देख सकती है कि संपत्तियों की खरीद में किसी तीसरे व्यक्ति या कंपनी का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
हालांकि, 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का आरोप जांच का हिस्सा है और इसे अदालत द्वारा साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।
जांच का दायरा बढ़ने की संभावना
मामले में पुलिस की जांच के बाद ED की एंट्री से चक्रवर्ती की कथित संपत्तियों की जांच का दायरा बढ़ गया है। अब एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि कथित तौर पर अर्जित संपत्ति का कोई हिस्सा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है या नहीं।
जांच आगे बढ़ने के साथ संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और संबंधित लोगों से पूछताछ की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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