चमोली : बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार सह आरोपित राजेंद्र सिंह चौहान को लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने अदालत में पेश किया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। अदालत के आदेश के बाद राजेंद्र सिंह चौहान को जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया गया।
मामला बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे की गिनती से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से अनियमितता और हेराफेरी की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई और जांच के क्रम में कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
पुलिस ने बताया कि मामले में राजेंद्र सिंह चौहान को सह आरोपित के रूप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनसे कई घंटे तक पूछताछ की और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया, संबंधित रिकॉर्ड, लेन-देन और अन्य जुड़े मामलों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की।
पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपित को निर्धारित प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने राजेंद्र सिंह चौहान को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जिला कारागार पुरसाड़ी पहुंचाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित हेराफेरी किस तरह हुई, इसमें कितने लोग शामिल हैं और चढ़ावे की राशि से जुड़े रिकॉर्ड में क्या-क्या अनियमितताएं सामने आई हैं।
बदरीनाथ धाम उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया जाने वाला दान और अन्य सामग्री धार्मिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में चढ़ावे से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीर मामला माना जाता है।
मंदिर प्रशासन और पुलिस दोनों ही इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े वित्तीय मामलों में पूरी सावधानी और जवाबदेही जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास बना रहे।
जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या चढ़ावे की गिनती के दौरान तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। इसके अलावा, जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, उनसे भी पूछताछ की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। हालांकि, मामले से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।
इस मामले के सामने आने के बाद बदरीनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को रोका जा सके।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल राजेंद्र सिंह चौहान के न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के बाद पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि चढ़ावे की गिनती में कथित हेराफेरी किस स्तर पर हुई और इसमें कितने लोग शामिल थे।