नगरोटा सूरियां। पौंग जलाशय में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य विभाग ने सिहाल क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों की मछलियों का बीज संचयन किया। इस दौरान जलाशय में कुल 1195934 मछली के बीज यानी लगभग 11.96 लाख बीज डाले गए। जबकि 17 लाख बीज डालने का लक्ष्य रखा है इस खेप में रोहू मछली के बीज की संख्या सबसे अधिक रही। यह जानकारी सहायक मत्स्य निर्देशक संदीप कुमार ने दी। विभाग की इस पहल को पौंग जलाशय में मछलियों की उपलब्धता बढ़ाने और मत्स्य पालन से जुड़े लोगों की
आजीविका को मजबूती
देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बीज संचयन की इस प्रक्रिया के दौरान बीज संचयन समिति के सदस्य, मत्स्य विभाग के कर्मचारी सिहाल-धमेटा की मत्स्य सहकारी सभाओं के सदस्य मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में विभागीय कर्मचारियों और समिति की भूमिका मछली के बीज को जलाशय में डालने की प्रक्रिया से जुड़ी रही। हालांकि उपलब्ध जानकारी में अधिकारियों के नाम और उनकी ओर से दिए गए किसी आधिकारिक बयान का उल्लेख नहीं है। इस बार उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 11.96 लाख मछली बीज का संचयन पूरा किया गया है। जब किसी 17 लाख बीज डालने का लक्ष्य रखा गया है। पौंग जलाशय में इस प्रकार का बीज संचयन मछलियों की प्राकृतिक उपलब्धता बढ़ाने, मत्स्य संसाधनों को मजबूत करने और स्थानीय मछुआरों की आय के अवसर बेहतर बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण प्रयास है। अब इसकी सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि जलाशय में मछलियों को अनुकूल वातावरण मिले।
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