Koderma. कोडरमा। झारखंड के कोडरमा में एक लोकल पैसेंजर ट्रेन की अंतिम बोगी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। ट्रेन की बोगी से धुआं और आग की लपटें निकलती देख यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि आग जिस दिव्यांग बोगी में लगी थी, घटना के समय उसमें कोई यात्री मौजूद नहीं था। हादसे में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, लोकल पैसेंजर ट्रेन कोडरमा-बरकाकाना रूट पर जा रही थी। इसी दौरान ट्रेन में सवार कुछ यात्रियों को अचानक जलने की गंध महसूस हुई। कुछ देर बाद ट्रेन की आखिरी बोगी से धुआं निकलता दिखाई दिया। यात्रियों ने तत्काल इसकी जानकारी रेलवे कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों को दी।
सूचना मिलते ही रेलकर्मी और आरपीएफ जवान सक्रिय हो गए। आग को दूसरी बोगियों तक फैलने से रोकने के लिए प्रभावित अंतिम बोगी को बाकी ट्रेन से अलग कर दिया गया। इसके बाद स्टेशन परिसर में मौजूद अग्निशमन उपकरणों और पानी की पाइप की मदद से आग बुझाने की कोशिश शुरू की गई।
खाली थी दिव्यांग यात्रियों की बोगी
जिस बोगी में आग लगी थी, वह दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित बताई जा रही है। घटना के समय इस बोगी में कोई यात्री मौजूद नहीं था। ट्रेन की अन्य बोगियों में यात्री सवार थे। समय रहते आग का पता चलने और प्रभावित कोच को अलग कर दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। आग लगने की खबर फैलते ही रेलवे परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। यात्री भी सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। रेलवे कर्मचारियों और आरपीएफ जवानों ने स्थिति संभालते हुए लोगों को प्रभावित बोगी से दूर रखा।
फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
रेलवे कर्मचारियों की शुरुआती कोशिशों के बाद फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी गई। दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इसके बाद बोगी की जांच की गई, ताकि अंदर किसी तरह की आग या चिंगारी दोबारा न भड़क सके।
बताया जा रहा है कि यह लोकल पैसेंजर ट्रेन सिधवार-बरकाकाना और हजारीबाग टाउन होते हुए कोडरमा-मधुपुर रूट पर संचालित होती है। घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने प्रभावित बोगी का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
आग लगने की वजह की जांच शुरू
फिलहाल बोगी में आग लगने का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। रेलवे की तकनीकी टीम इसकी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आग किसी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह से लगी थी। रेलवे प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की सही वजह सामने आ सकेगी। घटना में किसी के हताहत नहीं होने से रेलवे प्रशासन और यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
समय रहते यात्रियों द्वारा धुआं देख लिए जाने और इसकी सूचना रेलकर्मियों को देने से तेजी से कार्रवाई संभव हो सकी। प्रभावित बोगी को तत्काल बाकी ट्रेन से अलग करने के कारण आग अन्य डिब्बों तक नहीं पहुंची और बड़ा हादसा टल गया।
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