Mumbai मुंबई: शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने सोमवार को शिक्षा, रोजगार और स्थानीय निकायों के सशक्तिकरण को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार के दौरान विद्यार्थियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया था और छात्रों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे। आदित्य ठाकरे ने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में थी, तब विद्यार्थियों को टैब दिए गए थे। उन्होंने दावा किया कि उस समय शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि विद्यार्थियों का भविष्य सीधे तौर पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
शिवसेना (UBT) नेता ने प्रशासनिक शक्तियों के बंटवारे और विकेंद्रीकरण की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर फैसले लेने की क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए और नगर निगमों को मजबूत किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर नगर निगमों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन दिए जाते हैं तो स्थानीय समस्याओं का समाधान ज्यादा प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि सत्ता और प्रशासन का अत्यधिक केंद्रीकरण जनता के हित में नहीं है। उन्होंने विकेंद्रीकरण को मजबूत करने की जरूरत बताते हुए कहा कि स्थानीय निकायों को अधिक सक्षम बनाने से शहरों के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े फैसले तेजी से लिए जा सकते हैं।
उन्होंने रोजगार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। आदित्य ठाकरे ने कहा कि आज लाखों युवा बेरोजगार हैं और उनके भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया कि बेरोजगार युवाओं की समस्याओं और रोजगार के अवसरों को लेकर कौन बात करेगा। आदित्य ठाकरे के बयान ऐसे समय आए हैं जब महाराष्ट्र में शिक्षा, रोजगार और स्थानीय निकायों से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने सरकार से युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े सवालों को प्राथमिकता देने तथा प्रशासन को ज्यादा विकेंद्रीकृत करने की मांग की।