पत्नी से विवाद के बाद फेसबुक LIVE आया युवक, फिर गंगा में लगाई छलांग
फेसबुक लाइव में लगाए आरोप फिर गंगा में कूदा 26 साल का युवक
Kaushambi. कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पत्नी और ससुराल पक्ष से विवाद के बीच 26 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर फेसबुक लाइव करने के बाद गंगा नदी में छलांग लगा दी। घाट पर मौजूद मछुआरों ने समय रहते युवक को पानी से बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली। युवक को उपचार के लिए मूरतगंज के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले से जुड़े आरोपों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। मामला संदीपन घाट थाना क्षेत्र के बसेड़ी गांव के पास राम वन गमन पथ स्थित गंगा ओवरब्रिज के नीचे का बताया जा रहा है। युवक की पहचान अंकित कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक अंकित की शादी करीब डेढ़ साल पहले प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र की रहने वाली प्रिया से हुई थी।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को पति-पत्नी के बीच मोबाइल फोन को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी बच्चे को लेकर अपने मायके चली गई। अंकित के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इसके बाद पत्नी के पिता और भाई भी वहां पहुंचे और अंकित के साथ मारपीट की। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। बुधवार सुबह अंकित कथित तौर पर काफी परेशान था। इसी दौरान उसने फेसबुक लाइव शुरू किया। लाइव वीडियो में वह हाथ में दो पन्नों का एक नोट दिखाता नजर आया और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। उसने अपनी पत्नी को लेकर भी कई आरोप लगाए। ये सभी अंकित के व्यक्तिगत आरोप हैं और जांच पूरी होने तक इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
फेसबुक लाइव के दौरान युवक ने कुछ लोगों के नाम भी लिए और उन्हें अपनी परेशानी के लिए जिम्मेदार बताया। इसके बाद वह गंगा नदी के पास पहुंचा और कथित तौर पर छलांग लगा दी। युवक को नदी में गिरता देखकर वहां मौजूद मछुआरे तुरंत सक्रिय हुए। उन्होंने पानी में उतरकर अंकित को बाहर निकाला। समय पर मदद मिलने के कारण उसकी जान बच गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत पर डॉक्टर निगरानी रख रहे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई।
फेसबुक लाइव में लगाए गए आरोपों, कथित नोट और पारिवारिक विवाद से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और युवक की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। मामले में किसी पक्ष के आरोपों को जांच से पहले अंतिम निष्कर्ष के रूप में देखना उचित नहीं होगा। पुलिस संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है। इस घटना में घाट पर मौजूद मछुआरों की तत्परता से युवक की जान बच गई। मानसिक संकट या आत्महत्या के विचार की स्थिति में तत्काल किसी भरोसेमंद व्यक्ति, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या आपातकालीन सेवा से मदद लेना महत्वपूर्ण है।