अमरनाथ यात्रा 6 दिन बाद फिर शुरू, 25 जुलाई से 5000 श्रद्धालुओं का पहला जत्था होगा रवाना
मौसम एडवाइजरी
Jammu and Kashmir जम्मू-कश्मीर। खराब मौसम और भारी बारिश के कारण पिछले छह दिनों से स्थगित चल रही अमरनाथ यात्रा अब दोबारा शुरू होने जा रही है। प्रशासन ने 25 जुलाई से यात्रा को आंशिक रूप से बहाल करने का फैसला लिया है। पहले चरण में जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से करीब 5 हजार श्रद्धालुओं का जत्था बालटाल मार्ग के लिए रवाना किया जाएगा। मौसम में सुधार और यात्रा मार्गों की मरम्मत के बाद प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल यात्रा बालटाल रूट से शुरू की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे मार्ग पर पुलिस, अर्धसैनिक बलों और प्रशासनिक टीमों की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की परेशानी या दुर्घटना की स्थिति न बने।
लगातार बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों, पहलगाम और बालटाल, पर कई जगहों पर नुकसान पहुंचा था। रास्तों पर मलबा आने और फिसलन बढ़ने के कारण यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा रोक दी गई थी। पिछले कई दिनों से प्रशासन, सेना और बचाव एजेंसियां मार्गों की मरम्मत और सुरक्षा जांच में जुटी थीं। अब जरूरी सुधार कार्य पूरे होने के बाद यात्रा फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल पंजीकरण और निर्धारित तारीख के अनुसार ही यात्रा करें। बिना अनुमति या तय समय से पहले यात्रा शुरू करने की कोशिश न करें। अधिकारियों ने यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े, रेनकोट, वाटरप्रूफ जूते, जरूरी दवाइयां, टॉर्च और पर्याप्त पानी साथ रखने को कहा गया है। पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने बताया कि यात्रा मार्गों पर मेडिकल कैंप, आपातकालीन सहायता केंद्र और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु नजदीकी सुरक्षा कर्मियों या प्रशासनिक अधिकारियों से तुरंत संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए ही बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ें।