सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल! जनाजा देखकर रुक गई कांवड़ यात्रा
जानें पूरा मामला.
बिजनौर: बिजनौर जिले के स्योहारा में सोमवार को पूर्व शिक्षक नसीम जफर साहब के निधन के बाद निकले जनाजे के दौरान हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली. चौधरी उस्मान अली खान चौराहे से गुजर रहे जनाजे को देखकर वहां से निकल रहे सैकड़ों कांवड़ यात्रियों ने तुरंत अपना काफिला रोक दिया.
कांवड़ियों ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए तेज आवाज में बज रहा डीजे पूरी तरह बंद कर दिया और जनाज़े को पहले निकलने का रास्ता दिया. इंसानियत और आपसी सम्मान का यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
कांवड़ यात्रियों द्वारा चौराहे से पहले ही रुक जाने और डीजे बंद करके जनाजे को रास्ता देने के इस व्यवहार ने मौके पर मौजूद लोगों का दिल जीत लिया. यह वाकया बिजनौर के स्योहारा की गंगा-जमुनी तहजीब और मजबूत आपसी भाईचारे की एक स्पष्ट तस्वीर पेश करता है. धर्म अलग होने के बावजूद इंसानियत और एक-दूसरे की धार्मिक आस्थाओं के सम्मान को सबसे ऊपर रखने की इस पहल की हर तरफ तारीफ हो रही है.
आज के दौर में जब छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमियां पैदा की जाती हैं, तब यह दृश्य संदेश देता है कि समाज में भाईचारा आज भी जिंदा है. जनाजे के सम्मान में कांवड़ यात्रा रोकने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है.