हैदराबाद एयरपोर्ट से BJP नेता माधवी लता पुलिस हिरासत में

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Update: 2026-07-16 19:02 GMT
Hyderabad. हैदराबाद। स्कूल विवाद के बीच हैदराबाद एयरपोर्ट पर BJP नेता माधवी लता को एहतियातन हिरासत में लिया गया। एक प्राइवेट स्कूल से जुड़े चल रहे विवाद के बीच हैदराबाद एयरपोर्ट पर BJP नेता माधवी लता को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया। स्कूल विवाद को लेकर तनाव बढ़ने पर किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए अधिकारियों ने यह कार्रवाई की।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक प्राइवेट स्कूल से जुड़े विवाद के बीच
भारतीय जनता पार्टी
(BJP) नेता माधवी लता को पुलिस ने हैदराबाद एयरपोर्ट पर एहतियातन हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकने के उद्देश्य से की गई। स्कूल विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मामला हैदराबाद के सईदाबाद इलाके के एक प्राइवेट स्कूल से जुड़ा है, जहां एक प्राथमिक कक्षा की छात्रा के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि एक टीचर ने बच्चों को होमवर्क के रूप में कलमा और सूरह फातिहा याद करने और सुनाने के लिए कहा। अभिभावकों का कहना था कि उनकी बेटी कक्षा में अकेली हिंदू छात्रा थी और उसे भी यह असाइनमेंट दिया गया।
मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने संबंधित टीचर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी सेवा समाप्त कर दी। स्कूल प्रशासन की ओर से कहा गया कि यह शिक्षक की ओर से की गई गलती थी और संस्थान ने तत्काल कदम उठाए हैं। वहीं, पुलिस ने भी मामले की जानकारी लेते हुए स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी। इस विवाद के बीच BJP नेता माधवी लता ने मामले की विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शिक्षक की गलती तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इससे जुड़े संस्थागत और संवैधानिक पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए।
माधवी लता ने कहा कि इस मामले को केवल धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि स्कूल का प्रबंधन कौन चला रहा है, ट्रस्टी कौन हैं और संस्थान की नीतियां क्या हैं। उन्होंने स्कूल की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह मामला सामने आया तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा केवल शिक्षक को हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
BJP के वरिष्ठ नेता एन रामचंदर राव ने भी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले को केवल शिक्षक की गलती मानकर खत्म नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप कर स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि स्कूल में ऐसी गतिविधि हुई है तो इसकी जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक तक सीमित नहीं हो सकती। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।
वहीं, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी गैर-मुस्लिम छात्र से धार्मिक पाठ पढ़ाने को क्यों कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों को संवेदनशील तरीके से संभालने की रूरत है, ताकि समाज में आपसी विश्वास और शांति बनी रहे।
दूसरी ओर, AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन स्कूल प्रशासन ने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। उन्होंने कहा कि मामले को हिंदू-मुस्लिम विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। हैदराबाद पुलिस ने मामले को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित कक्षा में कुल 25 छात्र थे, जिनमें एक हिंदू छात्रा भी शामिल थी। पुलिस के अनुसार, शिक्षक ने पूरी कक्षा के छात्रों को कलमा और सूरह फातिहा पढ़ने का होमवर्क दिया था।
चारमीनार जोन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस खरे किरण प्रभाकर ने बताया कि यह असाइनमेंट शिक्षा नीति और स्कूल की आंतरिक नीतियों के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक को हटा दिया है और छात्रा के माता-पिता ने इस कार्रवाई पर संतोष जताया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। हालांकि, विवाद के बाद स्कूल के आसपास प्रदर्शन हुए, जिसके चलते पुलिस ने एहतियात के तौर पर 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें। पुलिस सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर भी नजर रख रही है। इधर, माधवी लता की हिरासत को लेकर BJP नेताओं ने सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि यह कदम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। फिलहाल स्कूल विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
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