BREAKING: महिला TI 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

जांच में हुआ बड़ा खुलासा

Update: 2026-07-30 10:58 GMT
Khunti. खूंटी। झारखंड के खूंटी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) रांची की टीम ने महिला थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। एसीबी की टीम ने पूरी योजना के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया और थाना प्रभारी को रिश्वत की रकम लेते ही मौके से पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, हुरलुंग, तारो सिलादोन निवासी श्याम कुमार ने एसीबी रांची को लिखित शिकायत देकर बताया था कि खूंटी महिला थाना में दर्ज एक मामले से उनका नाम हटाने के लिए थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना ने रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, कांड संख्या 06/2025 से नाम हटाने के लिए कुल 4 लाख 50 हजार रुपये में सौदा तय किया गया था।
श्याम कुमार ने रिश्वत मांगने की जानकारी एसीबी अधिकारियों को दी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी रांची ने मामले की जांच की और आरोपों की पुष्टि के लिए कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद टीम ने पूरी गोपनीयता के साथ ट्रैप की तैयारी की। योजना के तहत शिकायतकर्ता के माध्यम से थाना प्रभारी को 50 हजार रुपये रिश्वत की पहली किस्त के रूप में भेजी गई। जैसे ही सुलेखा कुमारी सपना ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई और आरोपी को रिश्वत लेते हुए मौके से पकड़ा गया।
एसीबी की इस कार्रवाई के बाद महिला थाना परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस विभाग के अधिकारी भी मामले की जानकारी जुटाने में लगे रहे। गिरफ्तार थाना प्रभारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि खूंटी महिला थाना में रिश्वतखोरी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ष 2021 में भी तत्कालीन महिला थाना प्रभारी मीरा कुमारी को एसीबी ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उस समय भी कार्रवाई के बाद उन्हें जेल भेजा गया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने पुलिस व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े किए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन में तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारी जनता को न्याय दिलाने और विश्वास कायम करने की होती है। ऐसे में यदि थाने स्तर पर ही रिश्वत जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो आम लोगों का भरोसा प्रभावित होता है। लोगों ने मांग की है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने पर जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उनसे किसी काम के बदले रिश्वत मांगी जाती है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें।
इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा चर्चा में आ गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों का ईमानदार एवं निष्पक्ष रवैया बेहद जरूरी है। फिलहाल एसीबी रांची की टीम गिरफ्तार थाना प्रभारी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। खूंटी में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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