दिल्ली। CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया दी है। SEM कोर्ट द्वारा दोनों नेताओं की रिहाई का आदेश जारी किए जाने के बाद चिराग पासवान ने कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि जमानत की शर्तों और अदालत में किए गए वादों का बार-बार उल्लंघन करना उचित नहीं है।
न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है रिहाई: चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि अदालत द्वारा रिहाई का आदेश देना न्यायिक प्रक्रिया के तहत आता है। उन्होंने कहा कि जिन शर्तों के आधार पर किसी व्यक्ति को जमानत दी जाती है, उनका पालन करना आवश्यक है। पासवान ने कहा कि यदि संबंधित लोग बार-बार अपनी प्रतिबद्धताओं की अनदेखी करते हैं और जमानती बॉन्ड की शर्तों का पालन नहीं करते हैं, तो ऐसी प्रवृत्ति को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अराजक सोच को लेकर जताई चिंता
चिराग पासवान ने कहा, "हम अपने देश को अराजक सोच के हाथों में नहीं जाने दे सकते। उनकी यह टिप्पणी CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में आई।
50 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहाई का आदेश
इससे पहले 21 अक्टूबर को SEM कोर्ट ने दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत आगे बढ़ाने की आवश्यकता नहीं मानी थी। अदालत ने उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी और जमानती बॉन्ड प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए रिहाई का आदेश दिया था। दोनों नेताओं ने अदालत को लिखित आश्वासन दिया था कि वे शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे तथा जंतर-मंतर को कानूनी रूप से प्रतिबंधों से मुक्त किए जाने तक वहां विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। चिराग पासवान ने इसी संदर्भ में अदालत की शर्तों और कानून का पालन करने पर जोर दिया। हालांकि, उनके बयान में दोनों नेताओं द्वारा रिहाई के बाद शर्तें तोड़े जाने की किसी नई घटना का उल्लेख नहीं किया गया।