चंडीगढ़। हरियाणा के राजनीतिक नेताओं त्रिलोचन सिंह और शमशेर सिंह गोगी को लेकर 1982 की एक कथित बूथ कैप्चरिंग घटना का दावा सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि दोनों हैदराबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर एक मतदान केंद्र पर हथियार और कारतूस लेकर बूथ कैप्चरिंग करने गए थे। हालांकि, इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई विश्वसनीय दस्तावेज, पुलिस रिकॉर्ड या स्वतंत्र समाचार रिपोर्ट फिलहाल नहीं मिली है।
दोनों नेताओं का कांग्रेस से रहा है संबंध
त्रिलोचन सिंह और शमशेर सिंह गोगी हरियाणा की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और चुनावी गतिविधियों को लेकर चर्चा में थे।
ऐतिहासिक आरोप की पुष्टि जरूरी
1982 की कथित घटना को लेकर यह स्पष्ट नहीं है कि किस चुनाव, मतदान केंद्र या निर्वाचन क्षेत्र में बूथ कैप्चरिंग हुई थी। यह भी पुष्टि नहीं हुई है कि दोनों नेताओं के खिलाफ इस संबंध में कभी कोई मामला दर्ज हुआ था या नहीं। बूथ कैप्चरिंग एक गंभीर चुनावी अपराध है। इसलिए उपलब्ध प्रमाणों के बिना किसी व्यक्ति की इसमें संलिप्तता को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।