कावेरी विवाद के बीच CM शिवकुमार की विजय से अपील

Update: 2026-07-31 10:39 GMT

कर्नाटक, तमिलनाडु: कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच चल रहे कावेरी जल विवाद का असर अब राजनीतिक और सामाजिक माहौल पर भी दिखाई देने लगा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने थलापति विजय से अपील की है कि वह 3 अगस्त को प्रस्तावित अपनी बेंगलुरु यात्रा को कुछ समय के लिए टाल दें। मुख्यमंत्री ने यह अनुरोध राज्य में बने तनावपूर्ण माहौल और कावेरी जल विवाद को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए किया है।

डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कर्नाटक हमेशा से शांतिप्रिय राज्य रहा है और यहां आने वाले हर व्यक्ति का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए थलापति विजय की यात्रा को कुछ समय के लिए स्थगित करना बेहतर होगा, ताकि दोनों राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पहले ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से इस मुद्दे पर बातचीत कर चुके हैं और उनसे दोबारा अनुरोध करेंगे कि वह 3 अगस्त के बजाय किसी अन्य तारीख पर बेंगलुरु आने का कार्यक्रम बनाएं। उन्होंने कहा कि जब भी कोई अतिथि कर्नाटक आता है तो उसका स्वागत सम्मान और गर्मजोशी के साथ किया जाता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।

दरअसल, कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के निर्देश को बरकरार रखा है। इसके तहत कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 3500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया है। इस फैसले के बाद कर्नाटक के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

मांड्या समेत कई क्षेत्रों में कावेरी जल विवाद को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर तमिल अभिनेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की फिल्म 'जन नायकन' के पोस्टर फाड़े जाने की घटनाएं भी सामने आईं। कुछ सिनेमाघरों में फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की स्थिति भी बनी।

डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के साथ बैठक आयोजित करने की तैयारी की थी, लेकिन कैबिनेट सहयोगियों और कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा के बाद इसे फिलहाल टालने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा कि बातचीत तभी बेहतर तरीके से हो सकती है, जब दोनों राज्यों के बीच माहौल शांत और सकारात्मक हो।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए तय मात्रा में पानी देना होगा, लेकिन साथ ही राज्य को अपने क्षेत्र में जल प्रबंधन और बैलेंसिंग रिजर्वोयर बनाने का अधिकार भी प्राप्त है।

उन्होंने मेकेदातु परियोजना को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। शिवकुमार ने कहा कि परियोजना को खारिज नहीं किया गया है, बल्कि अधिकारियों ने कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं। राज्य सरकार सभी पहलुओं का अध्ययन कर आवश्यक जवाब देगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों राज्यों के अपने हित हैं और दोनों को उनका संरक्षण करने का अधिकार है। हालांकि, विवादों का समाधान बातचीत और संवैधानिक रास्ते से ही निकाला जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में दोनों राज्य आपसी सहमति और शांतिपूर्ण तरीके से कावेरी जल विवाद का समाधान तलाशेंगे।

फिलहाल थलापति विजय के बेंगलुरु दौरे को लेकर अंतिम फैसला सामने नहीं आया है, लेकिन कर्नाटक सरकार की अपील के बाद इस मामले पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

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