अयोध्या में रामलला के विराजमान होने पर बोले CM योगी
500 साल का इंतजार हुआ समाप्त
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए रामनगरी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के विदेशी आक्रांताओं के कालखंड में लोगों ने शायद यह सोच लिया था कि अयोध्या में रामलला दोबारा विराजमान नहीं हो पाएंगे, लेकिन आज अयोध्या धाम अपना गौरव वापस प्राप्त कर चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या का वर्तमान स्वरूप उन कारसेवकों के बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने राम मंदिर के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब अयोध्या में भगवान राम का नाम लेने पर लाठी और गोलियां चलती थीं। आज वही अयोध्या त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत करती दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या का गौरव लौटना देश की आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के आयोजन को इसी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ जोड़ते हुए रामनगरी में दिखाई दे रही उत्सव की छटा का उल्लेख किया।
500 साल बाद अयोध्या ने फिर पाया अपना गौरव, CM योगी बोले- त्रेतायुग की यादें हुईं जीवंत
अयोध्या। उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में 10वें दीपोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम, राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि आज अयोध्या धाम अपना गौरव दोबारा प्राप्त कर चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस अयोध्या में कभी भगवान राम का नाम लेने पर लाठी और गोलियां चलती थीं, आज वही नगरी त्रेतायुग की यादों को जीवंत कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा, "हमने 500 वर्षों के विदेशी आक्रांताओं के कालखंड में सोचा होगा कि अब यह नहीं हो सकता कि अयोध्या में रामलला फिर विराजमान हो पाएंगे। लेकिन आज अयोध्या धाम अपना गौरव प्राप्त कर चुकी है, जिसके लिए कारसेवकों ने अपना बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि अयोध्या की वर्तमान तस्वीर और यहां आयोजित हो रहा भव्य दीपोत्सव एक लंबे इंतजार के बाद आए बदलाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर के लिए कारसेवकों के संघर्ष और उनके बलिदान को याद करते हुए कहा कि आज रामनगरी में जिस तरह उत्सव मनाया जा रहा है, वह ऐतिहासिक है।
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि एक समय ऐसा था जब अयोध्या में भगवान राम का नाम लेने पर लाठी और गोली चलती थी। लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और अयोध्या त्रेतायुग का स्मरण कराते हुए जीवंत हो उठी है। गौरतलब है कि अयोध्या में 7 नवंबर को 10वें दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों को 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीयों से रोशन करने का लक्ष्य रखा गया है। राम की पैड़ी पर दीपों की जगमगाहट और धार्मिक आयोजनों के बीच पूरी रामनगरी उत्सव के रंग में नजर आ रही है।