कांग्रेस विधायक तनवीर सैत के समर्थन में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, मंत्री पद की मांग
Karnataka कर्नाटक। कांग्रेस विधायक तनवीर सैत को राज्य की नई कैबिनेट में मंत्री पद दिए जाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है। उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मैसूरु के गांधीनगर इलाके में एफटीएस सर्कल के पास मौन प्रदर्शन किया। इसके बाद समर्थकों ने झंडे के साथ जुलूस भी निकाला। प्रदर्शनकारियों ने पार्टी नेतृत्व से तनवीर सैत को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग की। समर्थकों का कहना है कि तनवीर सैत को मंत्री पद देने की मांग किसी एक गुट या राजनीतिक समूह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक स्तर पर उठ रही मांग है। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि सैत लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें विभिन्न समुदायों के बीच बेहतर संबंध रखने वाले वरिष्ठ नेता के तौर पर देखा जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तनवीर सैत का समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों के साथ अच्छा संपर्क है। उनके समर्थकों का मानना है कि पार्टी को उनके राजनीतिक अनुभव और जनाधार को देखते हुए उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देनी चाहिए। कर्नाटक में हालिया कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को विभागों के आवंटन और नए चेहरों को जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर कांग्रेस के भीतर चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच तनवीर सैत के समर्थकों ने मंत्री पद की मांग को लेकर अपना दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है।
मैसूरु में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने झंडा लेकर जुलूस निकाला और अपनी मांग के समर्थन में नारे लगाए। समर्थकों का कहना है कि आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज किया जा सकता है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से जल्द फैसला लेने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, तनवीर सैत वरिष्ठ नेता होने के साथ-साथ लंबे समय से पार्टी के लिए काम करते रहे हैं। उनका दावा है कि सैत को सरकार में प्रतिनिधित्व मिलने से उनके समर्थकों के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा। समर्थकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पार्टी के खिलाफ जाना नहीं, बल्कि नेतृत्व के सामने अपनी मांग रखना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस नेतृत्व उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और तनवीर सैत को मंत्रिमंडल में जगह देने का फैसला करेगा। मैसूरु में लगातार बढ़ती प्रदर्शन की गतिविधियों से साफ है कि सैत के समर्थक इस मांग को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।