सिपाही ने पासपोर्ट के लिए फर्जी वेरिफिकेशन किया था, गिरफ्तार
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आरोपी सिपाही शशिकांत यादव गाजीपुर के नुनहरा क्षेत्र के नसिरपुरसिंह कुसुम का रहने है। वर्तमान में जीआपी में तैनाती थी। अधिकारियों के मुताबिक, शशिकांत ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना वास्तविक निवास सत्यापन किए कई आवेदनों को सही बताकर रिपोर्ट भेज दी। उसी के आधार पर पासपोर्ट जारी हुए। कई मामलों में आवेदकों का दिए गए पते से कोई संबंध नहीं मिला, जबकि कुछ पते पूरी तरह फर्जी पाए गए।
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर बिल्ला का पासपोर्ट है। उसका भी गोरखनाथ क्षेत्र के एक पते पर पासपोर्ट बन गया था। जांच में पता चला कि वह उस पते का निवासी नहीं था। इसके बाद पूरे प्रकरण की जांच शुरू हुई और कई अन्य संदिग्ध पासपोर्ट भी जांच के घेरे में आ गए।
खुलासा होने के बाद तीन लोगों को जेल भेजा जा चुका है। उसी समय शशिकांत यादव को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई थी। गोरखनाथ थाने से फर्जी सत्यापन कराकर पासपोर्ट जारी कराने के मामले में पुलिस ने निलंबित सिपाही पूछताछ। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा फर्जी सत्यापन के बदले कितनी रकम ली जाती थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जिन पासपोर्टों का सत्यापन संदिग्ध पाया गया है, उनकी दोबारा जांच कराई जा रही है। यदि अन्य कर्मचारियों या बाहरी लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि यह संगठित तरीके से किया गया फर्जीवाड़ा हो सकता है, इसलिए पूरे नेटवर्क की परतें खोलने का प्रयास किया जा रहा है।