Varanasi वाराणसी। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देशभक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर तिरंगा थीम में विशेष गंगा आरती का आयोजन किया गया। गंगा तट पर आयोजित आरती के दौरान देशभक्ति का माहौल दिखाई दिया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु तथा पर्यटक इस खास पल के साक्षी बने। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दशाश्वमेध घाट को विशेष रूप से सजाया गया। गंगा आरती में तिरंगे के तीन रंगों के माध्यम से देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया गया। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर खास उत्साह नजर आया।
शाम होते ही दशाश्वमेध घाट पर होने वाली नियमित गंगा आरती ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशेष स्वरूप ले लिया। आरती स्थल पर तिरंगे की थीम आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। एक तरफ मां गंगा की आराधना की गई तो दूसरी तरफ देश की स्वतंत्रता और इसके लिए बलिदान देने वाले वीरों को याद किया गया। आरती के दौरान दीपों की रोशनी और गंगा की लहरों के बीच तिरंगे की सजावट ने पूरे घाट का दृश्य मनमोहक बना दिया। घाट पर मौजूद लोगों ने इस आयोजन को अपने मोबाइल फोन में भी कैद किया। स्वतंत्रता दिवस की वजह से स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश से वाराणसी पहुंचे पर्यटकों में भी आयोजन को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रतिदिन शाम को यहां होने वाली आरती को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और राष्ट्रीय पर्वों पर इसकी भव्यता और बढ़ जाती है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित तिरंगा थीम वाली गंगा आरती ने आध्यात्मिकता के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान देश की एकता, अखंडता और समृद्धि की कामना की गई। स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के योगदान को भी याद किया गया।
वाराणसी में स्वतंत्रता दिवस को लेकर दिनभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरकारी और निजी संस्थानों, स्कूल-कॉलेजों तथा अन्य स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। वहीं शाम को दशाश्वमेध घाट की विशेष गंगा आरती ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को धार्मिक और सांस्कृतिक रंग दे दिया। तिरंगे की थीम और गंगा आरती के अद्भुत संगम ने दशाश्वमेध घाट पर पहुंचे लोगों के लिए स्वतंत्रता दिवस को यादगार बना दिया। आस्था के प्रमुख केंद्र काशी से इस आयोजन के जरिए राष्ट्रप्रेम, एकता और देश की समृद्धि का संदेश दिया गया।
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