दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस अनिल अंबानी समूह के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने समूह से संबंधित कुल 510.17 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। इनमें दो चार्टर्ड विमान, जमीन, कार्यालय परिसर, पवन चक्कियां, बैंक खातों में जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश शामिल हैं। यह कार्रवाई रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) से जुड़े मामलों में की गई है।
ईडी के मुताबिक, रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस से संबंधित बैंक धोखाधड़ी मामले में 263.05 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई हैं। वहीं, रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मामले में 247.12 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है।
रिलायंस कम्युनिकेशंस मामले में महाराष्ट्र स्थित छह भूखंड, एक कार्यालय परिसर और दो चार्टर्ड विमान कुर्क किए गए हैं। दूसरी ओर, RHFL और RCFL से जुड़े मामले में तमिलनाडु की दो पवन चक्कियों के अलावा बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश को कुर्क किया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़ी वित्तीय लेनदेन की जांच का हिस्सा है।
रिपोर्ट के अनुसार, ताजा कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी समूह से संबंधित विभिन्न मामलों में ईडी की ओर से अब तक कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 23,100 करोड़ रुपये पहुंच गया है। एजेंसी समूह से संबंधित वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।
इस कार्रवाई को समूह के खिलाफ चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, संपत्तियों की कुर्की अपने आप में आपराधिक दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामलों में जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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