Shimla. शिमला। दीपावली समेत अन्य त्योहारों पर पटाखे जलाने के लिए जिला प्रशासन ने समय सीमा निर्धारित कर दी है। जिला शिमला में अब केवल तय समय के भीतर ही आतिशबाजी की जा सकेगी। इसके अलावा पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल के लिए सिर्फ हरित पटाखों (ग्रीन क्रैकर्स) को अनुमति दी गई है। निर्धारित समय के बाद पटाखे जलाने पर प्रतिबंध रहेगा। उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और प्रदेश सरकार के पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निर्देशों के तहत आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार दीपावली पर आठ नवंबर को रात आठ से दस बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे। यानी आतिशबाजी के लिए केवल दो घंटे मिलेंगे। गुरुपर्व पर 24 नवंबर को सुबह चार से पांच बजे और रात नौ से दस बजे तक आतिशबाजी की अनुमति होगी।
क्रिसमस पर 25 और 26 दिसंबर की मध्यरात्रि को रात 11:55 से 12:30 बजे तक पटाखे जलाए जा सकेंगे। वहीं, नववर्ष के स्वागत के लिए 31 दिसंबर और एक जनवरी की मध्यरात्रि को भी इसी समय आतिशबाजी की अनुमति रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय के अलावा पटाखे जलाने की इजाजत नहीं होगी। इन आदेशों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान वायु प्रदूषण नियंत्रित करना और पर्यावरण की गुणवत्ता बनाए रखना है। इसी कारण सामान्य पटाखों के बजाय केवल पर्यावरण अनुकूल हरित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। जिला दंडाधिकारी ने आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। नियमों का उल्लंघन करने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी। पुलिस अधीक्षक, जिले के सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों में आदेशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।