जनता से रिश्ता की खबर पर मुहर
जनता से रिश्ता की खबर का असर
जनता से रिश्ता की खबर सच निकली

Lucknow लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पनीर और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ा अभियान चलाया है। योगी सरकार के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर में 25 पनीर निर्माण इकाइयों पर कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कई जगह खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मिलावट के मामले सामने आए। खाद्य सुरक्षा विभाग की 24 विशेष प्रवर्तन टीमों ने तीनों जिलों में दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद बनाने वाली इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पनीर निर्माण में औद्योगिक उपयोग वाले रसायनों और पामोलिन ऑयल व रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल की शिकायतें सही पाई गईं। इसके अलावा कई इकाइयों में खाद्य पदार्थों का निर्माण अस्वच्छ और असुरक्षित परिस्थितियों में होता मिला।

रेलवे पार्सल गोदाम से 5 क्विंटल पनीर जब्त

अभियान के दौरान अधिकारियों ने कुल 72 खाद्य नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट में यदि नमूने तय मानकों के विपरीत पाए जाते हैं तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार, निरीक्षण के दौरान अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में तैयार की जा रही 7,686 किलोग्राम खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया। नष्ट की गई सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा 2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री और अपमिश्रकों को जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 4.75 लाख रुपये है।

एनालॉग पनीर बिक्री पर स्वास्थ्य विभाग ने लगाया बैन

इस तरह पूरे अभियान में कुल 9,817 किलोग्राम खाद्य सामग्री और मिलावटी पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि गंभीर अनियमितताओं के मामलों में छह एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। पनीर निर्माण में औद्योगिक रसायनों और तेल के इस्तेमाल से जुड़े पांच मामलों में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में भी एक एफआईआर दर्ज की गई। गाजियाबाद में तीन और मथुरा में दो मामलों में कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने साफ किया है कि प्रदेश में मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। खासतौर पर पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की जाएगी। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। प्रयोगशाला जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Tags: