2.30 करोड़ का गांजा बरामद, अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की आउटर डिस्ट्रिक्ट एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 765.6 किलोग्राम गांजा, चार लाख रुपए नकद, 126 ग्राम सोने के आभूषण और अपराध में इस्तेमाल किए गए आठ मोबाइल बरामद किए हैं। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2.30 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत चलाए जा रहे विशेष ऑपरेशन के दौरान की गई। 20 जून 2026 को आउटर डिस्ट्रिक्ट की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में गांजा लेकर आने वाला है। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंधु के नेतृत्व में और एसीपी (ऑपरेशंस) की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने दिल्ली के पीतमपुरा स्थित मधुबन चौक के पास छापा मारकर अशोक कुमार (40) को गिरफ्तार किया। उसके पास मौजूद दो बैगों की तलाशी में फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) टीम की मौजूदगी में 22.610 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद रानी बाग थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(सी) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि अशोक कुमार पहले भी 285 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने ड्रग सप्लाई नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई। तकनीकी निगरानी और वित्तीय जांच के दौरान पुलिस को बिहार निवासी इंद्रजीत राय के बारे में जानकारी मिली, जो तस्करी के दौरान अजीत सिंह नाम का इस्तेमाल करता था।
पुलिस ने 9 जुलाई से इंद्रजीत राय की गतिविधियों पर लगातार 36 घंटे से अधिक समय तक नजर रखी। बिहार, ओडिशा, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में उसका पीछा करने के बाद 10 जुलाई को पंजाब के लुधियाना के एक होटल से इंद्रजीत राय और उसके साथी नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजे की बड़ी खेप लुधियाना के जमालपुर स्थित एक किराए के गोदाम में छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस ने वहां छापा मारकर 743 किलोग्राम गांजा बरामद किया और एक अन्य आरोपी धर्मेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हरियाणा और पंजाब में सप्लाई करने से पहले गांजे की खेप को किराए के गोदाम में छिपाकर रखते थे। पुलिस अब बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, पूरे सप्लाई नेटवर्क और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।