Lucknow लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ IAS अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह अब प्रदेश छोड़ेंगे। यूपी सरकार ने उन्हें कार्यमुक्त करने की मंजूरी दे दी है। वह वर्तमान में मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। सिक्किम कैडर के अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह करीब एक दशक से प्रतिनियुक्ति पर उत्तर प्रदेश में सेवाएं दे रहे थे। उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब उनकी वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
आंजनेय कुमार सिंह वर्ष 2015 में सिक्किम कैडर से उत्तर प्रदेश आए थे। उस समय प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी की सरकार थी। उत्तर प्रदेश में उन्हें पहली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बुलंदशहर के जिलाधिकारी के रूप में मिली। इसके बाद उन्होंने प्रदेश में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर काम किया। आंजनेय कुमार सिंह सबसे अधिक चर्चा में रामपुर में अपनी तैनाती के दौरान आए। रामपुर में जिलाधिकारी रहते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े कई मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई हुई। इसी दौर में आजम खान और उनके परिवार से जुड़े कई मामलों को लेकर रामपुर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहा। प्रशासन की सख्त कार्रवाई के कारण आंजनेय कुमार सिंह का नाम भी लगातार सुर्खियों में बना रहा।
रामपुर में उनके कार्यकाल के दौरान सरकारी जमीन, जौहर यूनिवर्सिटी और अन्य मामलों को लेकर कई प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाइयां हुईं। इसके बाद राजनीतिक स्तर पर भी उनके फैसलों को लेकर लगातार बयानबाजी होती रही। समर्थकों ने उनके कामकाज को सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखा, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से कई मौकों पर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। सिक्किम कैडर के अधिकारी होने के बावजूद आंजनेय कुमार सिंह लंबे समय तक उत्तर प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर बने रहे। केंद्र सरकार की ओर से उनके कार्यकाल को सात बार विस्तार मिलने की बात सामने आई है। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं और बाद में मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर बनाए गए।
अब उत्तर प्रदेश में उनका निर्धारित कार्यकाल समाप्त हो गया है। राज्य सरकार की ओर से उन्हें कार्यमुक्त करने की मंजूरी मिलने के बाद वह उत्तर प्रदेश में अपनी वर्तमान प्रशासनिक जिम्मेदारी छोड़ेंगे। करीब 11 वर्षों तक उत्तर प्रदेश में अलग-अलग पदों पर सेवा देने वाले आंजनेय कुमार सिंह का कार्यकाल कई कारणों से चर्चा में रहा। खास तौर पर रामपुर में आजम खान से जुड़े मामलों में हुई कार्रवाई ने उन्हें प्रदेश के चर्चित प्रशासनिक अधिकारियों में शामिल कर दिया था। अब उनके यूपी से कार्यमुक्त होने के बाद मुरादाबाद मंडल में नए कमिश्नर की तैनाती पर भी नजर रहेगी।