शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने शिमला के साउथवुड स्थित पुलिस अधीक्षक के सरकारी आवास पर वर्ष 2022 से 2025 के दौरान करवाए गए मरम्मत और अनुरक्षण कार्यों पर हुए खर्च की विशेष ऑडिट जांच कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में तीन सदस्यीय विशेष ऑडिट समिति का गठन किया है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपेगी। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पुलिस अधीक्षक शिमला की ओर से भेजी गई रिपोर्ट मिलने के बाद यह कदम उठाया है। गठित समिति की अध्यक्षता पुलिस मुख्यालय के उप-नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) करेंगे। इस अवधि में आईपीएस अधिकारी संजीव गांधी शिमला के एसपी थे।
हालांकि इस पूरे प्रकरण पर अभी उनका बयान सामने नहीं आया है। समिति यह जांच करेगी कि मरम्मत कार्यों के लिए धनराशि किस स्रोत से प्राप्त हुई, खर्च की स्वीकृति किस स्तर पर दी गई । समिति मरम्मत कार्यों से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड, निर्माण कार्यों के दस्तावेज और अन्य संबंधित अभिलेखों की विस्तार से जांच करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि खर्च के दौरान सरकारी वित्तीय नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया या नहीं। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, धनराशि के अनधिकृत उपयोग, नियमों के उल्लंघन या किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की जिम्मेदारी सामने आती है, तो समिति अपनी रिपोर्ट में उसका स्पष्ट उल्लेख करेगी। पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित कार्यालयों और शाखाओं को निर्देश दिए हैं कि वे समिति को सभी मूल दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध कराएं तथा जांच में पूरा सहयोग दें।