Nerchowk. नेरचौक। कीरतपुर-मंडी फोरलेन पर नौलखा से लेकर डडौर और चक्कर से मुलोरी टनल तक का सफर अब सहूलियत कम और खौफ ज्यादा दे रहा है। फोरलेन निर्माण को शुरू हुए कई साल बीत चुके हैं और करोड़ों-अरबों रुपए खर्च होने के बाद भी ग्राउंड जीरो पर स्थिति जस की तस है। आलम यह है कि डडौर से लेकर नौलखा तक फोरलेन इतना संकरा हो चुका है कि वाहन चालकों को हाई-वे होने का आभास तक नहीं होता। इस पूरे खंड में फोरलेन कंपनी की अधूरी और त्रुटिपूर्ण कार्यप्रणाली अब स्थानीय जनता के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। डडौर से नौलखा तक बनाई गई।
तथाकथित सर्विस लेन के कारण मुख्य हाईवे का हिस्सा बेहद संकरा हो गया है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि सडक़ इतनी संकरी हो चुकी है कि यहां से गुजरने वाले भारी वाहनों और ट्रकों को पास देना और लेना हर समय जोखिम भरा रहता है। जरा सी चूक यहां बड़े हादसे को न्योता दे रही है। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि डडौर से नौलखा तक बनाई गई सर्विस लेन जगह-जगह से आधी-अधूरी है। इस अधूरे सर्विस रोड पर हर समय गाडिय़ां स्थाई तौर पर पार्क रहती हैं। डडौर चौक और नागचला चौक आज ब्लैक स्पॉट बन चुके हैं,जहां अब तक सैकड़ों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कई लोग असमय काल के गाल में समा गए हैं। वहीं कई लोग गंभीर चोटों के कारण आज भी बिस्तर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।