MUMBAI मुंबई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत और कनाडा के व्यापारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए मुंबई और टोरंटो की तुलना की। उन्होंने कहा कि दोनों शहरों की संस्कृति और जीवनशैली भले ही अलग हों, लेकिन उद्यमिता, वित्त, विविधता और अवसरों के मामले में दोनों एक जैसी सोच रखते हैं। गोयल ने मुंबई को ऐसा शहर बताया, जो कभी सोता नहीं और जहां मेहनत तथा उद्यमिता के माध्यम से लोग सफलता हासिल करते हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने संबोधन में कहा, "टोरंटो टिम हॉर्टन्स पर चलता होगा और मुंबई कटिंग चाय पर, लेकिन हमारे दोनों शहर एक ही भाषा बोलते हैं। वैसे यह फ्रेंच भाषा नहीं है। यह उद्यमिता, वित्त, विविधता और अवसरों की भाषा है। उन्होंने कहा कि यही विशेषताएं मुंबई को दुनिया के प्रमुख महानगरों में अलग पहचान दिलाती हैं। मुंबई ऐसा शहर है, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आते हैं और अपनी मेहनत, प्रतिभा तथा क्षमताओं के जरिए आगे बढ़ते हैं।
गोयल ने मुंबई की उद्यमशीलता की सराहना करते हुए कहा कि इस शहर ने पहली बार कारोबार शुरू करने वाले कई उद्यमियों को अरबपति बनने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि मुंबई की सबसे बड़ी विशेषता यहां मौजूद संभावनाएं और लोगों को आगे बढ़ने के लिए मिलने वाले अवसर हैं। केंद्रीय मंत्री ने मुंबई को विविधताओं से भरा महानगर बताते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले लोग यहां की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा बन जाते हैं। अलग-अलग भाषा, संस्कृति और पृष्ठभूमि के लोग मिलकर मुंबई की पहचान को मजबूत बनाते हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि मुंबई की गतिशीलता और यहां के लोगों की मेहनत इस शहर को विशेष बनाती है। उन्होंने मुंबई को कभी न सोने वाला शहर बताते हुए कहा कि यह अपने यहां आने वाले लोगों को निराश नहीं करता। भारत और कनाडा के आर्थिक संबंधों के संदर्भ में भी मुंबई और टोरंटो की तुलना महत्वपूर्ण है। दोनों शहर वित्तीय सेवाओं, व्यापार, निवेश और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र हैं।
इससे पहले भारत और कनाडा के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। मई 2026 में पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा के दौरान दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य की पुष्टि की थी। केंद्रीय मंत्री के संबोधन में मुंबई की आर्थिक ताकत, उद्यमिता और सामाजिक विविधता प्रमुख विषय रहे। उन्होंने कहा कि अवसरों की उपलब्धता और लोगों को आगे बढ़ने का मौका देना ही इस महानगर की वास्तविक पहचान है।
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