हाउस में संदिग्ध देह व्यापार का मामला, पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया
Nasik नासिक। महाराष्ट्र के नासिक में इंद्रप्रस्थ नगर के पास कंसारा नगर स्थित एक रो हाउस में संदिग्ध देह व्यापार संचालित होने का मामला सामने आया है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और चार लोगों को हिरासत में लेकर म्हसरुल पुलिस स्टेशन ले गई। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस को आवेदन देकर मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार घटना 12 अगस्त 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंसारा नगर के एक रो हाउस में पिछले करीब एक महीने से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। बाहर से महिलाओं के आने-जाने के कारण स्थानीय निवासियों को संदेह हुआ और उन्होंने मामले पर नजर रखनी शुरू की।
बताया जा रहा है कि 12 अगस्त की शाम स्थानीय युवक, महिलाएं और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता संबंधित रो हाउस के सामने पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने स्थिति की जानकारी लेने का प्रयास किया। इस दौरान रो हाउस में एक महिला, एक पुरुष और दो युवतियां मौजूद मिलीं। स्थानीय लोगों ने उनकी गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि लोगों की भीड़ जमा होते देख वहां मौजूद लोगों ने निकलने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय महिलाओं ने उन्हें रोक लिया और तत्काल म्हसरुल पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों को अपने साथ पुलिस स्टेशन ले गई।
हालांकि रो हाउस में वास्तव में देह व्यापार संचालित किया जा रहा था या नहीं, इसकी पुष्टि पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ और घटनास्थल से संबंधित तथ्यों की जांच के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी। मामले को लेकर अन्याय और अत्याचार उन्मूलन समिति की महिला अध्यक्ष कविता पवार, बीजेपी युवा मोर्चा नासिक से जुड़े जगदीश पाडवी, सामाजिक कार्यकर्ता रंजन पाडवी, जयश्री गावित, मनिषा घांघले सहित कई स्थानीय नागरिक और संगठनों से जुड़े लोगों ने म्हसरुल पुलिस को आवेदन दिया है।
इसके अलावा भगवती प्रतिष्ठान, इंद्रप्रस्थ नगर और कंसारा नगर महिला मंडल से जुड़े लोगों ने भी पुलिस से मामले की जांच करने की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्र में किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि सामने आने पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका और रो हाउस में चल रही गतिविधियों के संबंध में पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।