पंजाब में पेपर लीक पर सियासत तेज, सुखबीर बादल ने दिया ये बयान
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Punjab. पंजाब। पंजाब में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। उनका आरोप है कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में करीब 10 सरकारी नौकरियों से जुड़ी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।
लुधियाना में मीडिया से बातचीत के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब के युवाओं ने लंबे समय तक मेहनत करके सरकारी नौकरियों की तैयारी की, लेकिन कथित पेपर लीक की घटनाओं ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है, लेकिन पंजाब में लगातार सामने आ रहे आरोप चिंता का विषय हैं।अकाली दल नेता ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे नीट (NEET) पेपर लीक विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर सवाल उठे थे, उसी तरह पंजाब में भी कई सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में लगभग 10 अलग-अलग सरकारी नौकरियों से संबंधित परीक्षाओं के पेपर लीक होने की बातें सामने आई हैं। सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इन घटनाओं को स्वीकार करने के बजाय लगातार इनकार कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि युवाओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों में सच्चाई नहीं है तो सरकार को निष्पक्ष जांच कराकर पूरी स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए। उनका कहना था कि केवल आरोपों को खारिज कर देने से लोगों का विश्वास बहाल नहीं होगा।उन्होंने यह भी दावा किया कि कई युवाओं ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों को पैसों के बदले परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए। यदि ऐसे आरोप सही साबित होते हैं तो यह भर्ती प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि लाखों उम्मीदवार वर्षों तक कठिन परिश्रम करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और यदि पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं तो सबसे अधिक नुकसान मेहनती और योग्य अभ्यर्थियों को होता है। सुखबीर बादल ने आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार, विभिन्न गैर-कानूनी गतिविधियों को लेकर भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विशिष्ट साक्ष्य सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया। इन आरोपों पर खबर लिखे जाने तक आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पेपर लीक का मुद्दा आने वाले समय में पंजाब की राजनीति का प्रमुख विषय बन सकता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध युवाओं और रोजगार से जुड़ा हुआ है। इस बीच, शिरोमणि अकाली दल ने इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तैयार करने के लिए पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाने की घोषणा की है। सुखबीर बादल ने बताया कि बैठक में पेपर लीक के अलावा राज्य के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी युवाओं के हितों की रक्षा के लिए इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करेगी। अकाली दल का कहना है कि यदि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो योग्य उम्मीदवारों का सरकारी व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। पार्टी ने मांग की है कि कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पंजाब में रोजगार और भर्ती परीक्षाएं हमेशा से युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा रही हैं। ऐसे में पेपर लीक को लेकर उठे आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।