दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर दिल्ली के द्वारका में आयोजित भव्य दशहरा समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान राष्ट्रपति ने रावण दहन कर बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया। समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
भगवान श्रीराम की आरती कर किया रावण दहन
द्वारका सेक्टर-10 स्थित श्री रामलीला समिति मैदान में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की आरती की। इसके बाद उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया। इस अवसर पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के करीब 90 फीट ऊंचे पुतले तैयार किए गए थे। आयोजन में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश वर्मा भी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति मुर्मु ने विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दशहरा धर्म और न्याय की अधर्म तथा अन्याय पर विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन मानवता को नैतिकता, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। राष्ट्रपति ने प्रकृति के प्रति सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और सभी के कल्याण की भावना को भी महत्वपूर्ण बताया।
दिल्ली में धूमधाम से मनाया गया दशहरा
राष्ट्रीय राजधानी में विजयादशमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रामलीला और रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पूर्वी दिल्ली में आयोजित दशहरा समारोह में शामिल हुए और रावण दहन किया। द्वारका में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में आयोजित समारोह ने भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और भगवान श्रीराम के आदर्शों का संदेश दिया।
Tags: