Delhi दिल्ली। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने बुधवार को महाराष्ट्र में जल जीवन मिशन 2.0 की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य में मिशन के तहत चल रहे कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर चर्चा की गई।
जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक नल के जरिए सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल पहुंचाना है। मिशन के दूसरे चरण में पहले से स्थापित जलापूर्ति ढांचे को मजबूत करने, योजनाओं की स्थिरता सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जल उपलब्धता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बैठक के दौरान महाराष्ट्र में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से विभिन्न परियोजनाओं की स्थिति और उनके क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी ली गई। साथ ही, योजनाओं को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आगे बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों तक पेयजल सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया गया।
महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य में ग्रामीण आबादी तक जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना सरकार के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के साथ-साथ जल स्रोतों और आपूर्ति व्यवस्था को टिकाऊ बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत पानी की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और मौजूदा बुनियादी ढांचे के बेहतर इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर भी सरकार का फोकस है। इसका उद्देश्य केवल नल कनेक्शन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है।
केंद्र सरकार की ओर से राज्यों के साथ लगातार समीक्षा बैठकों के जरिए योजनाओं की प्रगति पर नजर रखी जा रही है। महाराष्ट्र की समीक्षा बैठक भी इसी क्रम का हिस्सा रही। बैठक में मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने और लंबित कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा बेहतर होने से महिलाओं और बच्चों को पानी लाने में लगने वाला समय कम करने के साथ-साथ स्वास्थ्य और जीवन-स्तर में सुधार की उम्मीद है। जल स्रोतों के संरक्षण और योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता भी मिशन के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल है।
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