मंडी। मंडी जिला में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बीच प्रशासन की तेजी से स्थिति में काफी हद तक सुधार भी दर्ज किया गया है। डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर मंडी के अनुसार ब्लॉक्ड सडक़ों, बिजली और जल आपूर्ति को बहाल करने की हर संभव कोशिश की जा रही है और राहत के कार्य बडे स्तर पर किए जा रहे हैं। बुधवार की सुबह बारिश से 84 सडकें बंद हुई थी जिनमें से शाम होते होते 54 सडक़ों पर वाहनों के पहाए थमे हुए हैं। मंडी जिला के सराज में 38 सडक़ों बंद पडी हुई हैं और यहां दिन भर में किसी भी सडक पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है। थलौट की बंद पड़ी 19 सडक़ों में से 11 को खोल दिया गया है जबकि 8 अभी भी बंद ही पडी हुई हैं। करसोग की 13 सडक़ों में से पांच की बहाली हो पाई है जबकि 8 सडक़ें बंद ही हैं। सुंदरनगर, जोगिंद्रनगर और मंडी में बारिश से एक – एक सडक़ बंद है। मंडी जिला से गुजरने वाला कोई राष्ट्रीय उच्च मार्ग और स्टेट हाईवे बारिश के कारण फिलहाल बंद नहीं हुआ है।
जबकि चार मेजर जिला रोड बंद हैं और 52 ग्रामीण रोड भी बंद हो गए हैं। इन सडक़ों पर लैंडस्लाइड और डंगा गिरना तथा सडक़ों पर मलबा आ जाने से यातायात प्रभावित हुआ है। मंडी जिला में भारी बारिश का असर कम हो रहा है। प्रशासन पूरे जिला में निगरानी रखे हुए है। नागरिकों की सुरक्षा और सामान्य जीवन को बहाल करने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं। मंडी जिला के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से बिजली भी गुल रही है। बुधवार की सुबह बिजली के कुल 91 डीटीआर बंद हो गए थे जिनमें शाम तक 76 डीटीआर पर बिजली रिस्टोर कर ली गई जबकि 15 डीटीआर की बहाली अभी तक नहीं हो पाई है। गोहर में बंद 28 डीटीआर में से अभी भी 15 बंद ही पडे हुए हैं। इसके साथ सुंदरनगर के 20 और जोगिंदरनगर के 43 डीटीआर बहाल कर दिए गए हैं। डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर मंडी की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि राहत टीमें लगातार काम कर रही हैं और शेष व्यवधानों को भी जल्द दूर करने का प्रयास जारी है। मंडी डीसी अपूर्व देवगन ने बताया कि बारिश से प्रभावित जन जीवन को पटरी पर लाया जा रहा है और बंद सडक़ों को फिर से यातायात के लिए खोला जा रहा है। भारतीय मौसम केंद्र के अनुसार गुरुवार को मंडी जिला में मुख्यत धूप रहेगी। इस बीच लेकिन गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे की संभावना बनी हुई है।