सचिवालय मार्च को लेकर डिप्टी CM बोले, बातचीत से सुलझाएं मुद्दे, सरकार संवाद के लिए तैयार
Meghalaya मेघालय। मेघालय में शांतिपूर्ण मार्च के जरिए सचिवालय पहुंचने की कोशिश को लेकर उपमुख्यमंत्री स्नियाबलांग धर ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को मार्च करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक या जरूरी मुद्दे को लेकर सरकार के साथ बातचीत का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी राजनीतिक दल या संगठन को जनता से जुड़े मामलों पर चर्चा करनी है तो वह मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप सकता है और सरकार के साथ संवाद कर सकता है। उन्होंने कहा कि यही लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के काम करने का सामान्य तरीका है।
स्नियाबलांग धर ने कहा कि सरकार हमेशा जनता की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए तैयार रहती है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे उचित माध्यम से अपनी मांगें और समस्याएं सरकार के सामने रखें, ताकि उन पर गंभीरता से विचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे को बातचीत के जरिए हल किया जा सकता है। सरकार और जनता के बीच संवाद लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े मामलों पर सरकार सकारात्मक तरीके से कदम उठाएगी।
डिप्टी सीएम का यह बयान उस समय आया है जब कुछ संगठनों और राजनीतिक समूहों ने अपनी मांगों को लेकर मेघालय सचिवालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की योजना बनाई थी। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए और समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत को प्राथमिकता देनी चाहिए। सरकार का उद्देश्य राज्य में शांति बनाए रखते हुए जनता की चिंताओं को दूर करना है। मेघालय सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह जनता और राजनीतिक दलों के साथ संवाद के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन किसी भी मुद्दे के समाधान के लिए संवैधानिक और उचित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।