Nahan. नाहन। लोक निर्माण विभाग मंडल पांवटा साहिब व संगड़ाह के तहत आने वाला धौलाकुंआ-बायला सडक़ मार्ग टॉरिंग के मात्र एक माह बाद ही उखड़ गया है। जिसको लेकर क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत 15 किलोमीटर के लगभग रोड अर्से बाद पक्का व चौड़ा हुआ था। जिसका बायला तक का हिस्सा का टॉरिंग कार्य हाल में ही पूरा हुआ है। वहीं टॉरिंग के बाद सडक़ जगह-जगह से उखड़ गई है। रोजाना वाहन लेकर आने वाले कपिल, जयपाल, विकास के अलावा धारटीधार विकास मंच के पदाधिकारी उमेश, रामेश्वर शर्मा इत्यादि दर्जनों ने बताया कि लगभग 20 वर्षो के बाद धौलाकुंआ से लेकर बायला रोड मरम्मत हुआ था। मगर बायला से लेकर धौलाकुंआ तक के 15 किलोमीटर हिस्से में नियमों को ताक पर रखकर सडक़ की टॉरिंग का कार्य हुआ है। पदाधिकारियों ने सडक़ निर्माण के दौरान घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। पदाधिकारियों ने कहा कि गुरू की नगरी पांवटा साहिब से तीर्थ श्री रेणुकाजी तक यह मार्ग सबसे कम दूरी का है।
जिससे उत्तराखंड-देहरादून इत्यादि के लिए यात्री, पर्यटक जहां आवाजाही करते हैं। वहीं गुरू की नगरी पांवटा साहिब से बडू साहिब तक के लिए भी सिक्ख पर्यटक व संगते यहां से होकर निकलती है। वहीं यदि मार्ग के खस्ताहाल होने से श्रद्यालु व पर्यटक सडक़ मार्ग से किसी तरह पहुंच कर दोबारा आने से कतरा रहे हैं। पदाधिकारियों ने बताया कि कृषि विज्ञान केंन्द्र धौलाकुंआ, आईआईएम के अलावा पांवटा साहिब जिला का एक बड़ा व्यापारिक केंन्द्र भी है। जिसके लिए लोगों का आना-जाना इस मार्ग से अक्सर होता है। मगर मार्ग की खस्ताहाल मात्र निर्माण कार्य पूरा होने के एक माह बाद ही हो गए हैं। उधर धारटीधार विकास मंच के पदाधिकारियों ने सडक़ निर्माण में गंभीर लापरवाही बरतने को लेकर इसकी शिकायत विजिलेंस व एसई लोक निर्माण विभाग को सोंपने का निर्णय लिया है। गौर हो कि उक्त रोड पूर्व में पांवटा साहिब के तहत जबकि हाल ही में संगड़ाह मंडल के तहत शिफट हुआ है। जिसमें पहले पांवटा लोकमिर्नाण मंडल के तहत कार्य हुए। वहीं बाकि का हिस्सा का कार्य संगड़ाह मंडल के तहत संपन्न हुआ।