Mumbai मुंबई: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि वह इस मामले की बारीकियों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी जरूरतों को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान थरूर ने कहा, "मैं इतनी बारीकियों में नहीं जाना चाहता क्योंकि सच कहूं तो मैं न तो Gen Z की तरफ से बोल रहा हूं, न ही किसी विशेष आंदोलन या व्यक्ति की ओर से। मैं केवल भारतीय संसद के एक सांसद के तौर पर बोल रहा हूं, जिसे देश की राजनीतिक दिशा की चिंता है।"
उन्होंने कहा कि देश की नीतियों का केंद्र युवाओं का भविष्य होना चाहिए। सरकारों और राजनीतिक दलों को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिनसे युवाओं के जीवन में सार्थक बदलाव आए और उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि रोजगार, शिक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ काम करना समय की आवश्यकता है।
थरूर ने कहा कि उनका संदेश केवल इतना है कि भारत के अधिकांश युवाओं की वास्तविक जरूरतों को समझा जाए और ऐसी नीतियां बनाई जाएं, जो उनके भविष्य को मजबूत करें। उन्होंने किसी विशेष संगठन, आंदोलन या छात्र समूह के पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी करने से परहेज किया। गौरतलब है कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है और इस मुद्दे पर राज्य सरकार तथा छात्र प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का दौर भी शुरू हो चुका है।