भारत को रक्षा क्षेत्र में महाशक्ति बनाने का लक्ष्य, CM रेवंत रेड्डी बोले...
डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र
हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक महाशक्ति बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को रक्षा उपकरणों और युद्ध तकनीक के आयातक देश से आगे बढ़कर एक प्रमुख निर्यातक राष्ट्र बनना चाहिए। मुख्यमंत्री ने तेलंगाना को देश के सबसे बड़े रक्षा औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की अपनी महत्वाकांक्षा भी व्यक्त की।
रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर बने भारत
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनका सपना भारत को रक्षा क्षेत्र की महाशक्ति के रूप में देखना है। इसके लिए देश को आधुनिक हथियारों, युद्ध तकनीक और रक्षा उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि भारत को पहले आयात पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए और इसके बाद रक्षा उत्पादों के प्रमुख निर्यातक देश के रूप में अपनी पहचान स्थापित करनी चाहिए। रेड्डी ने कहा, "हमें हथियार केवल युद्ध के लिए नहीं, बल्कि शांति बनाए रखने के लिए भी चाहिए। मजबूत रक्षा क्षमता युद्ध को रोकने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेलंगाना इस राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहता है।
तेलंगाना को सबसे बड़ा रक्षा औद्योगिक केंद्र बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस और इससे जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने तेलंगाना को भारत के रक्षा उद्योग का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बनाने की महत्वाकांक्षा जताई। इसके लिए आधुनिक तकनीक, औद्योगिक निवेश और अनुसंधान संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। रेड्डी ने रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के विस्तार में रक्षा प्रदर्शनी जैसे आयोजनों को उपयोगी मंच बताया। उन्होंने कहा कि रक्षा विनिर्माण और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में निवेश से राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।
हैदराबाद की रणनीतिक स्थिति को बताया बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने हैदराबाद की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हैदराबाद भारत में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है और यहां कई प्रमुख अनुसंधान संस्थान मौजूद हैं। रेड्डी के अनुसार, शहर का सुरक्षित वातावरण अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल है। उन्होंने दावा किया कि हैदराबाद दुनिया के सुरक्षित शहरों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिस वर्ल्ड आयोजन का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हैदराबाद में आयोजित मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण परिस्थितियों के दौरान उनकी सरकार ने हैदराबाद में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी की थी। रेड्डी के मुताबिक, प्रतियोगिता में 108 देशों की प्रतिभागियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया तथा उन्होंने शहर में खुद को सुरक्षित महसूस किया। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार द्वारा आयोजित सफल अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में से एक बताया।
2047 तक औद्योगिक विकास का लक्ष्य
रेवंत रेड्डी ने वर्ष 2047 तक राज्य के आर्थिक योगदान को बढ़ाने की अपनी योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस और संबंधित उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने संयुक्त आंध्र प्रदेश से लेकर तेलंगाना के गठन के बाद तक विभिन्न सरकारों के कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने चंद्रबाबू नायडू, कांग्रेस और बीआरएस के शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि अब उनकी सरकार को राज्य के विकास की जिम्मेदारी मिली है।रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना सरकार रक्षा क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक विस्तार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य में योगदान देना चाहती है।