रायपुर: कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में आज कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कोर्ट में पेश करेंगी। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल ऑफिस ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को कस्टम मिलिंग घोटाला मामले में गत 9 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद आज उन्हें कोर्ट में पेश करेंगी।
आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को रामगोपाल अग्रवाल की 9.06 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। एजेंसी की कार्रवाई के दायरे में रायपुर के अनुपम नगर स्थित बंगला और कटोरा तालाब क्षेत्र में स्थित फ्लैट शामिल हैं। इस संबंध में ED ने प्रेसनोट जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी है।
बता दें कि कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी हैं। ED ने उन्हें 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल करीब 3 साल तक फरार रहे। 8 जुलाई को उन्होंने EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में जांच एजेंसियां सरकारी शराब कारोबार में अनियमितताओं, अवैध वसूली और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। एजेंसियों का आरोप है कि, शराब कारोबार में एक संगठित नेटवर्क के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन हुआ। ईडी इस मामले में पहले भी कई लोगों से पूछताछ और कार्रवाई कर चुकी है। रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद ED के पूछताछ में कई मामले में लेन-देन सामने आने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।
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