फूफा ने की नाबालिग से दरिंदगी: पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को भेजा उम्रकैद की राह
बच्ची से 2 साल तक दुष्कर्म, पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी फूफा को सुनाई तीन बार उम्रकैद
Bhopal भोपाल: भोपाल की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी फूफा को तीन अलग-अलग धाराओं में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। यह मामला रिश्तों को शर्मसार करने वाला बताया जा रहा है, जिसमें आरोपी ने करीब दो वर्षों तक बच्ची का शोषण किया। मामला भोपाल के सुखीसेवनिया थाना क्षेत्र का है। विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला के अनुसार, वर्ष 2022 में एसओएस संस्था की कार्यकर्ता की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि बच्ची के माता-पिता और दादी का निधन हो चुका था, जिसके बाद उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उसकी बुआ और फूफा ने संभाली थी।
आरोप है कि कोरोना काल के दौरान जब स्कूल बंद थे और बच्ची घर पर रहती थी, तभी आरोपी फूफा ने मौका पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने बच्ची को धमकी दी कि यदि उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो उसे घर से निकाल देगा और नुकसान पहुंचाएगा। डर और दबाव के कारण बच्ची लंबे समय तक चुप रही। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी ने करीब दो साल तक उसका लगातार शोषण किया। बाद में उसने हिम्मत जुटाकर अपनी सहेली को पूरी घटना बताई। सहेली की मदद से उसने अपनी बुआ को भी जानकारी दी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद एसओएस संस्था की कार्यकर्ता के संपर्क में आने पर मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी पाया। विशेष पॉक्सो कोर्ट की न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में तीन बार सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही बच्ची के भविष्य और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया। अदालत के इस फैसले को बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए सख्त संदेश माना जा रहा है।