Shimla. शिमला। शोघी-मेहली बाईपास के समीप आश्वनी खड्ड में लगभग 1.5 किलोमीटर गहरी खाई से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एचपी-एसडीआरएफ) ने रविवार को एक चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और कठिन परिस्थितियों के बीच चलाए गए इस अभियान में एसडीआरएफ की टीम ने अपनी तकनीकी दक्षता और पेशेवर क्षमता का परिचय दिया।
जानकारी के अनुसार, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) शिमला से सूचना मिलने के तुरंत बाद एचपी-एसडीआरएफ की विशेष रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद टीम ने पाया कि शव अत्यंत गहरी और खतरनाक खाई में पड़ा हुआ है, जहां सामान्य तरीके से पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में रेस्क्यू कर्मियों ने विशेष रोप रेस्क्यू उपकरणों और आधुनिक तकनीकी बचाव प्रणाली का सहारा लेकर अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत और सावधानीपूर्वक प्रयासों के बाद टीम खाई में उतरी और अत्यधिक विघटित अवस्था में मिले शव को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही। इसके बाद शव को सडक़ तक पहुंचाया गया और आगे की पहचान, पोस्टमार्टम तथा अन्य आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
एसडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभियान केवल तकनीकी कौशल ही नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और टीमवर्क की भी कठिन परीक्षा लेते हैं। कई बार उनका उद्देश्य किसी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान बचाना होता है, जबकि कई परिस्थितियों में दिवंगत व्यक्तियों के शवों को सम्मानपूर्वक बाहर निकालकर उनके परिजनों तक पहुंचाने और कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने का दायित्व भी निभाना पड़ता है। एचपी-एसडीआरएफ ने कहा कि बल का प्रत्येक अभियान मानव जीवन और मानवीय गरिमा की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चाहे परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, एसडीआरएफ की टीमें अत्याधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित जवानों और समर्पित कार्यशैली के साथ हर आपदा और आपात स्थिति में लोगों की सहायता के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। फिलहाल पुलिस अज्ञात शव की पहचान करने के प्रयास में जुटी है और मामले की जांच जारी है। शव की शिनाख्त होने के बाद ही मौत के कारणों और परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सकेगा।