Fatehpur. फतेहपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा अन्य मुद्दों को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार को फतेहपुर में जिम्मेवार नागरिकों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और छात्रों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन एसडीएम फतेहपुर के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, विभिन्न पेपर लीक मामलों, भ्रष्टाचार तथा सरकार की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाते हुए राष्ट्रपति से इन विषयों पर त्वरित संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। इस अवसर पर स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे व स्थानीय छात्रों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर समर्थन किया।
डाक्टर अशोक सोमल गौतम का कहना है कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं, तो उन सवालों का जवाब देना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि संविधान के दायरे में रहकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात राष्ट्रपति महोदया तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार है और सरकार की जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार है। साहित्यकार पंकज दर्शी ने कहा कि जब युवा और छात्र शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग के लिए आगे आते हैं, तो यह लोकतंत्र की सकारात्मक शक्ति का प्रतीक है। हम चाहते हैं कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर संवैधानिक संस्थाएं निष्पक्ष रूप से संज्ञान लें और जनता का विश्वास मजबूत हो। पंकज दर्शी ने छात्रों के साथ भी शिक्षा प्रणाली के बेहतरी के लिए चर्चा की।