प्रेमी संग मिलकर पत्नी ने रची पति की हत्या की साजिश, दो साल बाद खुला राज
Jamnagar. जामनगर। गुजरात के जामनगर जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की ऐसी खौफनाक साजिश रची, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस के अनुसार, अवैध संबंधों में पति बाधा बन रहा था, इसलिए पत्नी और उसके प्रेमी ने पहले उसे शराब में जहरीला साइनाइड मिलाकर पिलाया और मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद पहचान छिपाने और अपराध के सबूत मिटाने के लिए शव को एक किराए की फैक्ट्री में 12 से 15 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया। यह पूरी वारदात करीब दो साल तक राज बनी रही, लेकिन आखिरकार मृतक के भाई की सूझबूझ से इस हत्याकांड का खुलासा हो गया।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी महिला पृथ्वी का नीलेश मनसुखभाई कचेटिया नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। जांच में सामने आया कि महिला अपने पति जिग्नेश को इस रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा मानती थी। इसी कारण दोनों ने मिलकर जिग्नेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने हत्या की साजिश तैयार की और उसे अंजाम देने का फैसला किया। बताया गया है कि आरोपी महिला ने अपने पति को भरोसे में लेकर शराब पीने के लिए तैयार किया। इसी दौरान शराब में साइनाइड मिला दिया गया। जहरीली शराब पीते ही जिग्नेश की हालत बिगड़ गई और कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि यह हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी और इसमें दोनों आरोपियों की सक्रिय भूमिका रही।
हत्या के बाद सबसे बड़ी चुनौती शव को ठिकाने लगाने की थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला और उसके प्रेमी ने जामनगर के दरेड इलाके में स्थित एक किराए की फैक्ट्री का चयन किया। वहां पहले से गहरा गड्ढा खोदा गया और जिग्नेश के शव को लगभग 12 से 15 फीट नीचे दफना दिया गया। इसके बाद गड्ढे को इस तरह भर दिया गया कि किसी को वहां शव होने का संदेह न हो। हत्या के बाद आरोपी महिला ने अपने ससुराल वालों को गुमराह करने के लिए एक झूठी कहानी तैयार की। जब भी परिवार के सदस्य जिग्नेश के बारे में पूछते, वह कहती कि वह नौकरी के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया गया हुआ है। इस कहानी को विश्वसनीय बनाने के लिए उसने यह भी कहा कि जिस कंपनी में जिग्नेश काम करता है, वहां कर्मचारियों को मोबाइल फोन रखने या परिवार से बातचीत करने की अनुमति नहीं है। इसी बहाने वह हर सवाल का जवाब देती रही और करीब दो वर्षों तक परिजनों को धोखे में रखती रही।
समय बीतने के साथ मृतक के परिवार को शक होने लगा। आखिरकार जिग्नेश के भाई अशोक धर्मेशभाई मावडिया ने मामले की सच्चाई जानने का निर्णय लिया। उन्होंने पृथ्वी से कहा कि वह स्वयं ऑस्ट्रेलिया जाने की योजना बना रहे हैं, इसलिए उन्हें जिग्नेश की कंपनी का पता और अन्य जानकारी दे दी जाए ताकि वह उससे मिल सकें। इस सवाल पर पृथ्वी बार-बार बहाने बनाने लगी और कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। महिला के टालमटोल वाले जवाबों से अशोक का शक और गहरा गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें पूरी घटना पर संदेह है और यदि सही जानकारी नहीं दी गई तो वे पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। पुलिस के पास जाने की बात सुनते ही आरोपी महिला घबरा गई। पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से स्वीकार कर लिया कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर दो वर्ष पहले ही जिग्नेश की हत्या कर दी थी। महिला की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
उनकी निशानदेही पर पुलिस टीम दरेड इलाके स्थित उस फैक्ट्री में पहुंची, जहां शव दफनाया गया था। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में खुदाई कराई गई। लगभग 12 से 15 फीट गहरे गड्ढे से मानव कंकाल और अन्य अवशेष बरामद किए गए, जिन्हें जिग्नेश का माना जा रहा है। पुलिस ने बरामद अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि वैज्ञानिक परीक्षण के माध्यम से पहचान की पुष्टि की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य मिटाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या की योजना कब बनाई गई, साइनाइड कहां से लाया गया और इस अपराध में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि पारिवारिक विवाद और अवैध संबंध किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। दो वर्षों तक झूठ और धोखे के सहारे एक हत्या को छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन आखिरकार मृतक के परिजनों की सतर्कता और पुलिस की जांच से पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।