मदरसा शिक्षा व्यवस्था में योगी सरकार का बड़ा बदलाव
अब सिर्फ आलिम तक मिलेगी मान्यता
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: योगी आदित्यनाथ सरकार ने मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद राज्य के मदरसे अब केवल आलिम (12वीं) स्तर तक की शिक्षा और प्रमाणपत्र ही जारी कर सकेंगे। कामिल और फाजिल जैसी उच्च शिक्षा की डिग्रियां अब मदरसों द्वारा नहीं दी जाएंगी।
अब तक कामिल को स्नातक (बीए) और फाजिल को स्नातकोत्तर (एमए) के समकक्ष माना जाता था। सरकार का कहना है कि इन डिग्रियों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की मान्यता प्राप्त नहीं है, इसलिए इन्हें जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा।
सरकार का यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 5 नवंबर 2024 के फैसले के अनुपालन में उठाया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने अंजुम कादरी बनाम भारत संघ मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2004 को अधिकांश रूप से बरकरार रखा था, लेकिन यह स्पष्ट किया था कि मदरसा बोर्ड को उच्च शिक्षा स्तर (कामिल और फाजिल) की डिग्रियां संचालित करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि यह विश्वविद्यालयों के अधिकार क्षेत्र में आता है।
सरकार अब पहले से जारी कामिल और फाजिल डिग्रियों की स्थिति की भी समीक्षा कर रही है। यदि पुराने प्रमाणपत्रों को लेकर कोई नया निर्णय लिया जाता है तो इससे हजारों छात्रों पर असर पड़ सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है। सरकार का कहना है कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों को अब सामान्य विश्वविद्यालयों और मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेना होगा। इस फैसले को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।