एयरबैग नहीं खुलने से युवक की मौत, शोरूम के सामने स्कॉर्पियो लटककर किया प्रदर्शन

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Update: 2026-07-30 08:15 GMT
Jhunjhunu. झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनू जिले में सड़क हादसे में हुई 21 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों और दोस्तों ने वाहन कंपनी के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। हादसे में क्षतिग्रस्त हुई स्कॉर्पियो को क्रेन की मदद से करीब 20 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाकर शोरूम के सामने प्रदर्शन किया गया। इस दौरान गाड़ी पर ‘मौत का सामान’, ‘खतरा’ और ‘20 लाख का डिब्बा’ जैसे संदेश लिखे गए, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला झुंझुनू-डूंडलोद बाइपास का है, जहां 20 जुलाई को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था। बताया जा रहा है कि 21 वर्षीय तरुण नायक अपने चार दोस्तों के साथ स्कॉर्पियो वाहन से सीकर से झुंझुनू की ओर आ रहे थे। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से जा टकराया और पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद तरुण को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं वाहन में सवार अन्य चार युवकों को मामूली चोटें आईं।
तरुण की मौत के बाद परिवार और दोस्तों में आक्रोश फैल गया। परिजनों का आरोप है कि हादसे के समय तरुण ने सीट बेल्ट पहन रखी थी, इसके बावजूद वाहन के एयरबैग नहीं खुले। परिवार का कहना है कि यदि एयरबैग सही समय पर खुल जाते तो शायद तरुण की जान बच सकती थी। इसी आरोप को लेकर परिजनों ने वाहन निर्माता कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और शोरूम के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को क्रेन के जरिए शोरूम के सामने लगभग 20 फीट ऊपर लटका दिया गया। परिजनों ने वाहन पर कई सवाल उठाने वाले संदेश लिखे। ‘मौत का सामान’, ‘खतरा’ और ‘20 लाख का डिब्बा’ जैसे शब्दों के जरिए उन्होंने कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महंगे वाहन खरीदने के बावजूद यदि सुरक्षा उपकरण काम नहीं करेंगे तो आम लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि आखिर दुर्घटना के समय एयरबैग क्यों नहीं खुले। परिजनों ने वाहन की जांच विशेषज्ञों से कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि कंपनी को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
वहीं शोरूम प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि मामले की जानकारी कंपनी तक पहुंचाई गई है। तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि एयरबैग किस वजह से नहीं खुले। शोरूम प्रबंधन ने कहा कि वाहन की स्थिति, टक्कर की दिशा, सेंसर सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद ही सही कारण सामने आएगा।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर स्कॉर्पियो को हवा में लटकाकर किए गए प्रदर्शन का वीडियो तेजी से फैल रहा है। बड़ी संख्या में लोग इस वीडियो को साझा कर रहे हैं और वाहन सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि आधुनिक वाहनों में सुरक्षा फीचर्स सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और यदि किसी दुर्घटना के समय ये काम नहीं करते तो इसकी जांच जरूरी है।
परिजनों और दोस्तों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं बल्कि वाहन सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करना है। उन्होंने कहा कि तरुण की मौत से परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। अगर तकनीकी कमी की वजह से हादसा और ज्यादा गंभीर हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
झुंझुनू का यह मामला अब वाहन सुरक्षा और एयरबैग सिस्टम को लेकर नई बहस खड़ी कर रहा है। सड़क हादसों में लगातार बढ़ती मौतों के बीच वाहन सुरक्षा फीचर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी दुर्घटना में एयरबैग खुलना कई बार जीवन और मृत्यु के बीच अंतर साबित हो सकता है। हालांकि इस मामले में वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों के बाद वाहन की जांच और कंपनी की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। तरुण नायक की मौत के बाद किया गया यह अनोखा प्रदर्शन इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
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