नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उन्होंने अपने अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं के लिए आवाज उठा रही जेन जी और जेन अल्फा की सराहना की।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नई पीढ़ी का अपने हक के लिए सरकारों से सवाल पूछना और समस्याओं के समाधान की मांग करना देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जेन जी के बाद अब जेन अल्फा ने भी अपने अधिकारों के लिए मोर्चा संभाल लिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जहां बच्चे अपने स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चे स्कूलों में डेस्क, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और पर्याप्त संख्या में शिक्षकों जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, बच्चों का इस तरह अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाना बेहद महत्वपूर्ण है। केजरीवाल ने कहा कि अब बच्चों ने अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीख लिया है और यही सच्ची आजादी का अर्थ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हमीरपुर में बच्चों ने स्कूल के सामने सड़क बनवाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। इसी तरह देहरादून में भी बच्चे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, जबकि बाड़मेर में विद्यार्थी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर संघर्ष कर रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बच्चों का अपनी शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर जागरूक होना अच्छी बात है। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजादी के 75 से 80 वर्ष बीत जाने के बाद भी देश के कई हिस्सों में सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के बच्चे मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं, ऐसे में इन स्कूलों की स्थिति सुधारना सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि कई जगह स्कूलों की इमारतें जर्जर हैं, दीवारें टूट रही हैं और छतों की हालत खराब है। बारिश के दौरान कक्षाओं में पानी भरने, शौचालयों की कमी, साफ पानी उपलब्ध नहीं होने और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि समाज को यह मानसिकता बदलनी होगी कि सरकारी स्कूलों की स्थिति ऐसी ही रहती है। उन्होंने कहा कि यदि लोग अपनी आवाज नहीं उठाएंगे और सरकारों से सवाल नहीं पूछेंगे तो व्यवस्था में बदलाव कैसे आएगा। उनके मुताबिक, बच्चों और अभिभावकों को अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए।
केजरीवाल ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार के लिए काम किया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के बाद अब पंजाब में भी सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं तथा डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना पूरा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव केवल सरकारों के प्रयास से नहीं, बल्कि समाज और विद्यार्थियों की भागीदारी से भी संभव है। सभी लोगों को मिलकर अपने अधिकारों और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठानी होगी। केजरीवाल ने कहा कि जब नई पीढ़ी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती है और व्यवस्था से सवाल पूछती है, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है। उनके मुताबिक, जेन जी और जेन अल्फा का अपने हक के लिए आवाज उठाना 80वें स्वतंत्रता दिवस को विशेष बनाने वाला संदेश है।
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