धनतेरस पर अनोखी पूजा! इन 5 मंदिरों में होती है धन्वंतरि की विशेष आराधना
दक्षिण भारत के ये 5 प्रसिद्ध धन्वंतरि मंदिर
नई दिल्ली: धनतेरस का त्योहार देशभर में सुख-समृद्धि, धन और आरोग्य की कामना के साथ मनाया जाता है। इस दिन सोने-चांदी और बर्तनों की खरीदारी के साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे और उन्हें आयुर्वेद का देवता माना जाता है। दक्षिण भारत में भगवान धन्वंतरि के कई प्राचीन मंदिर हैं, जहां श्रद्धालु विशेष रूप से स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हैं।
1. थोट्टुवा धन्वंतरि मंदिर, केरल
केरल के एर्नाकुलम जिले में स्थित थोट्टुवा श्री धन्वंतरि मूर्ति मंदिर अपनी प्राचीन धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां भगवान धन्वंतरि की लगभग छह फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है। मंदिर की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कृष्ण तुलसी भगवान धन्वंतरि को विशेष प्रिय मानी जाती है। यहां आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सक भी पूजा और ध्यान के लिए आते हैं। धनतेरस पर आरोग्य की कामना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह प्रमुख आस्था केंद्र है।
2. नेल्लुवाई धन्वंतरि मंदिर, केरल
केरल के त्रिशूर जिले में स्थित नेल्लुवाई श्री धन्वंतरि मंदिर देश के प्राचीन धन्वंतरि मंदिरों में गिना जाता है। यहां भगवान धन्वंतरि की आराधना का विशेष महत्व है। श्रद्धालु परिवार की सुख-शांति और अच्छे स्वास्थ्य के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। केरल के पर्यटन विभाग ने भी इस मंदिर को महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में सूचीबद्ध किया है।
3. मरुथोरवट्टम धन्वंतरि मंदिर, केरल
केरल के अलप्पुझा जिले के चेरथला क्षेत्र में स्थित मरुथोरवट्टम धन्वंतरि मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण प्रसिद्ध है। यहां भगवान धन्वंतरि की पूजा स्वास्थ्य और रोगों से मुक्ति की कामना से जुड़ी हुई है। स्थानीय धार्मिक परंपराओं में इस मंदिर का विशेष स्थान माना जाता है। श्रद्धालु यहां भगवान के दर्शन और प्रार्थना करने पहुंचते हैं।
4. श्रीरंगम रंगनाथस्वामी मंदिर, तमिलनाडु
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली स्थित प्रसिद्ध श्रीरंगम रंगनाथस्वामी मंदिर में भगवान धन्वंतरि का विशेष मंदिर है। यहां की एक अनोखी परंपरा औषधीय काढ़े के रूप में प्रसाद देना है। मंदिर से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार, धन्वंतरि की प्रतिमा की स्थापना एक आयुर्वेद चिकित्सक ने कराई थी। धनतेरस पर धन्वंतरि जयंती मनाई जाती है और श्रद्धालु विशेष पूजा में भाग लेते हैं।
5. श्री धन्वंतरि मंदिर, कोयंबटूर
तमिलनाडु के कोयंबटूर में भी भगवान धन्वंतरि को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। यहां श्रद्धालु भगवान धन्वंतरि की आराधना कर अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हैं। आयुर्वेद से जुड़े धार्मिक विश्वासों के कारण इस मंदिर का विशेष महत्व माना जाता है।
धनतेरस की पूजा में घी के दीपक, तुलसी, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। कुछ धार्मिक अनुष्ठानों में औषधीय जड़ी-बूटियों का भी उपयोग होता है। हालांकि, जड़ी-बूटियों की माला चढ़ाने या घी-तुलसी का विशेष भोग लगाने की परंपरा इन पांचों मंदिरों में समान रूप से होने की पुष्टि नहीं हुई है।
दक्षिण भारत के इन मंदिरों की विशेषता यह है कि यहां धनतेरस को केवल आर्थिक समृद्धि से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, आयुर्वेद और आध्यात्मिक कल्याण से जोड़कर भी देखा जाता है।