नई दिल्ली : सावन के पवित्र महीने में आने वाली नाग पंचमी 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम से शुरू होकर 17 अगस्त की शाम तक रहेगी। अलग-अलग पंचांगों के अनुसार पूजा का मुहूर्त कुछ मिनट अलग हो सकता है; दिल्ली के लिए एक गणना में सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक का समय दिया गया है।

नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा की जाती है और भगवान शिव से इसका गहरा धार्मिक संबंध माना जाता है। इस दिन कुछ कामों से परहेज करने की परंपरा है।
1. नागों को नुकसान न पहुंचाएं
नाग पंचमी के दिन सांपों को मारना या उन्हें नुकसान पहुंचाना धार्मिक रूप से अनुचित माना जाता है। नाग देवता को पूजनीय मानते हुए उनके संरक्षण का संदेश भी इस पर्व से जुड़ा है।
2. जीवित सांप को दूध न पिलाएं
धार्मिक परंपराओं में दूध अर्पित करने की बात मिलती है, लेकिन वास्तविक सांप को जबरन दूध पिलाना उचित नहीं है। इससे सांप की सेहत को नुकसान हो सकता है। पूजा के लिए नाग देवता की प्रतिमा या तस्वीर पर प्रतीकात्मक रूप से दूध अर्पित करना बेहतर विकल्प है।
3. जमीन खोदने से बचने की मान्यता
नाग पंचमी पर खेत या जमीन खोदने से बचने की परंपरा कई क्षेत्रों में है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे नागों के निवास को नुकसान पहुंच सकता है। इसे मुख्यतः पारंपरिक धार्मिक नियम के रूप में देखा जाता है।
4. तामसिक भोजन और नशे से परहेज
इस दिन सात्विक भोजन करने और शराब-मांस आदि से दूर रहने की धार्मिक परंपरा है। भक्त व्रत रखते हैं और भगवान शिव तथा नाग देवता की आराधना करते हैं।
5. किसी का अपमान या क्रोध न करें
नाग पंचमी को पूजा और संयम का पर्व माना जाता है। इसलिए इस दिन झगड़ा, अपशब्द, हिंसा और किसी का अपमान करने से बचने की सलाह धार्मिक मान्यताओं में दी जाती है।
नाग पंचमी पर क्या करें?
सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करें। फूल, अक्षत, चंदन और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जा सकती है। शिवलिंग पर जल चढ़ाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना भी शुभ माना जाता है।
ध्यान रखें: ऊपर बताए गए नियम धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। नाग पंचमी का सबसे महत्वपूर्ण संदेश नागों और प्रकृति के प्रति सम्मान तथा जीव-जंतुओं की सुरक्षा भी है।
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