नई दिल्ली : हिंदू धर्म में हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित इस पर्व पर इस बार चार दुर्लभ योगों का महासंयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ योगों में शिव-पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है और दांपत्य जीवन से जुड़े कष्ट दूर होने की कामना की जाती है।
सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाने वाली हरियाली तीज को श्रावणी तीज भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु, परिवार की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं।
चार शुभ योगों का बन रहा संयोग
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष हरियाली तीज पर चार शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। धार्मिक दृष्टि से शुभ योगों में पूजा, व्रत और दान का विशेष महत्व माना जाता है।
मान्यता है कि इस विशेष संयोग में भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक है हरियाली तीज
पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया।
इसी कारण हरियाली तीज को शिव और शक्ति के पवित्र मिलन का पर्व माना जाता है। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम और विश्वास बढ़ने की धार्मिक मान्यता है।
वैवाहिक जीवन के लिए क्यों खास है यह व्रत
हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करती हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिन दंपतियों के जीवन में आपसी मतभेद या तनाव चल रहा हो, वे भी इस दिन शिव-पार्वती की पूजा कर सुखी दांपत्य जीवन की कामना करते हैं।
पूजा विधि में रखें इन बातों का ध्यान
हरियाली तीज के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके बाद भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
पूजा में बेलपत्र, फूल, फल, मिठाई और सुहाग सामग्री अर्पित की जाती है। महिलाएं व्रत रखकर माता पार्वती से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं।
सावन और हरियाली का भी है संबंध
हरियाली तीज सावन महीने में मनाई जाती है, जब प्रकृति चारों ओर हरियाली से भर जाती है। इसलिए यह पर्व प्रकृति, प्रेम और नई ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है।
इस दिन महिलाएं झूला झूलती हैं, लोकगीत गाती हैं और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं देती हैं।
श्रद्धा और विश्वास का पर्व
हरियाली तीज केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और समर्पण का संदेश देने वाला पर्व भी है। चार शुभ योगों के महासंयोग के कारण इस बार इस पर्व का महत्व और बढ़ गया है।श्रद्धालु मानते हैं कि सच्चे मन से की गई पूजा और प्रार्थना से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Tags: