धर्म : दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन पूरे देश में लोग अपने घरों को दीपों, रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाते हैं। शाम के समय मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि दिवाली की रात घर में दीपक जलाने से सकारात्मकता आती है और मां लक्ष्मी का आगमन होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दीपक जलाते समय उसके नीचे कुछ विशेष चीजें रखने की भी परंपरा है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक के नीचे रखी जाने वाली कुछ वस्तुओं का विशेष महत्व होता है। इन्हें शुभता, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
ज्योतिषी अखिलेश पांडेय के मुताबिक, दिवाली पर दीपक के नीचे लाई, बताशे, गुलाब की पंखुड़ियां और चावल रखने की परंपरा प्रचलित है। मान्यता है कि इन वस्तुओं को दीपक के नीचे रखने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-शांति तथा बरकत बनी रहती है। आइए जानते हैं कि दिवाली पर दीपक के नीचे कौन-सी चार चीजें रखनी चाहिए और इनका धार्मिक महत्व क्या है।
1. दीपक के नीचे रखें लाई, समृद्धि का माना जाता है प्रतीक
दिवाली की पूजा में लाई का विशेष महत्व माना जाता है। लाई को धान या चावल से तैयार किया जाता है और इसे अन्न तथा खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में अन्न को जीवन का आधार और मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद माना गया है।
मान्यता है कि दिवाली की पूजा के दौरान दीपक के नीचे थोड़ी सी लाई रखने से घर में अन्न-धन की कमी नहीं होती। इससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कई जगहों पर लक्ष्मी पूजा के दौरान लाई और खील-बताशे का भोग भी लगाया जाता है।
लाई को फसल, मेहनत और खुशहाली से जोड़कर भी देखा जाता है। दीपावली का समय नई फसल और कृषि आधारित उत्सवों से भी जुड़ा रहा है। इसलिए पूजा में लाई का इस्तेमाल शुभ माना जाता है। आप इसे एक साफ छोटी थाली या पूजा की चौकी पर दीपक के नीचे रख सकते हैं।
2. बताशे रखने से घर में बनी रहती है मिठास
दिवाली की पूजा में बताशों का इस्तेमाल काफी प्रचलित है। बताशे चीनी से तैयार किए जाते हैं और इन्हें मिठास, शुभता तथा प्रसन्नता का प्रतीक माना जाता है। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा में भी बताशों का भोग लगाया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, दीपक के नीचे बताशे रखने से घर में सुख-शांति और पारिवारिक प्रेम बना रहता है। जिस तरह बताशे मिठास का प्रतीक हैं, उसी तरह इन्हें परिवार के रिश्तों में मिठास और जीवन में खुशियां आने की कामना से जोड़ा जाता है।
दिवाली पर आप मिट्टी के दीपक के नीचे एक छोटी थाली में बताशे रख सकते हैं। पूजा के बाद इन्हें प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांटा जा सकता है। ध्यान रखें कि दीपक का गर्म तेल या लौ बताशों के संपर्क में न आए।
3. गुलाब की पंखुड़ियां, मां लक्ष्मी को प्रिय है पुष्प अर्पण
फूलों के बिना हिंदू धर्म की पूजा अधूरी मानी जाती है। विशेष रूप से कमल और गुलाब जैसे फूलों का पूजा-पाठ में महत्वपूर्ण स्थान है। मां लक्ष्मी को कमल पर विराजमान दिखाया जाता है और उन्हें सुगंधित पुष्प अर्पित करने की परंपरा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली के दिन दीपक के नीचे गुलाब की पंखुड़ियां रखना शुभ माना जाता है। गुलाब प्रेम, सुंदरता, सौम्यता और सकारात्मकता का प्रतीक है। मान्यता है कि गुलाब की पंखुड़ियां अर्पित करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर का वातावरण सुखद बना रहता है।
इसके लिए ताजे गुलाब की कुछ पंखुड़ियां लेकर दीपक के नीचे एक साफ थाली में रख सकते हैं। इसके अलावा मां लक्ष्मी के चरणों में भी गुलाब के फूल अर्पित किए जा सकते हैं। पूजा में फूलों का इस्तेमाल करते समय उनकी स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।
4. चावल रखने से बढ़ती है शुभता और सौभाग्य
हिंदू धर्म में चावल यानी अक्षत का विशेष धार्मिक महत्व है। पूजा-पाठ, तिलक, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों में चावल का इस्तेमाल किया जाता है। अक्षत का अर्थ है ऐसा अनाज जो टूटा हुआ न हो। इसे पूर्णता, अखंडता और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
दिवाली पर दीपक के नीचे चावल रखने की भी परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में बरकत बनी रहती है और परिवार में सुख-शांति आती है। चावल को अन्न और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। मां लक्ष्मी की पूजा में अक्षत अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।
इसके लिए साफ और साबुत चावल लें। उन्हें एक छोटी थाली या पूजा के स्थान पर रखकर उसके ऊपर दीपक स्थापित किया जा सकता है। ध्यान रहे कि दीपक स्थिर रहे और उसके गिरने की आशंका न हो।
दिवाली पर दीपक जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर दीपक जलाने के लिए मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। पूजा के समय दीपक को साफ स्थान पर रखना चाहिए। दीपक जलाने से पहले पूजा स्थल की सफाई करें और मां लक्ष्मी तथा भगवान गणेश का विधिवत पूजन करें।
दीपक में शुद्ध घी या अपनी परंपरा के अनुसार तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। पूजा के दौरान दीपक को ऐसी जगह रखें, जहां किसी के टकराने या उसके गिरने का खतरा न हो। विशेष रूप से फूलों, बताशों और अन्य ज्वलनशील पूजा सामग्री को लौ तथा गर्म तेल से सुरक्षित दूरी पर रखें।
क्या है इन चार चीजों को रखने का धार्मिक संदेश?
लाई को अन्न और समृद्धि, बताशों को मिठास, गुलाब की पंखुड़ियों को प्रेम और सुंदरता तथा चावल को अक्षत और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। इन चारों वस्तुओं को दिवाली के दीपक के साथ रखने की परंपरा जीवन में खुशहाली, प्रेम, शांति और आर्थिक समृद्धि की कामना से जुड़ी हुई है।
हालांकि, इन वस्तुओं को रखने से धन प्राप्ति की कोई वैज्ञानिक गारंटी नहीं है। ये धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं हैं, जिनका उद्देश्य पूजा को श्रद्धा और शुभ भाव के साथ संपन्न करना है। दिवाली का वास्तविक संदेश अपने घर और जीवन में अंधकार को दूर करके ज्ञान, प्रेम और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाना है।
इसलिए इस दिवाली मां लक्ष्मी की पूजा करते समय इन चारों वस्तुओं को अपनी पारिवारिक परंपरा और श्रद्धा के अनुसार शामिल कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है साफ-सफाई, सच्चे मन से पूजा और परिवार के साथ खुशियां बांटना।