शक संवत 1948, भाद्रपद, शुक्ल, द्वादशी, बुधवार, विक्रम संवत् 2083। तदनुसार अंग्रेजी तारीख 23 सितंबर सन् 2026 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, शरद ऋतु। राहुकाल दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक। द्वादशी तिथि रात्रि 10 बजकर 50 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ।
श्रवण नक्षत्र प्रातः 09 बजकर 09 मिनट तक उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ। सुकर्मा योग सायं 04 बजकर 27 मिनट तक उपरांत धृति योग का आरंभ। बव करण प्रातः 10 बजकर 21 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा रात्रि 09 बजकर 57 मिनट तक मकर राशि पर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:10 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:17 बजे
चंद्रोदय का समय: सायं 04:26 बजे
चंद्रास्त का समय: मध्यरात्रि बाद 03:35 बजे (24 सितंबर)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: मकर राशि में (रात्रि 09:57 बजे तक), फिर कुंभ राशि में प्रवेश
आज का शुभ मुहूर्त 23 सितंबर 2026 :
अभिजीत मुहूर्त : कोई नहीं
अमृत काल : रात्रि 11 बजकर 34 मिनट से मध्यरात्रि बाद 01 बजकर 15 मिनट (24 सितंबर) तक रहेगा।
आज का चौघड़िया मुहूर्त 23 सितंबर 2026 :
लाभ (उन्नति) : सुबह 06 बजकर 10 मिनट से 07 बजकर 41 मिनट तक।
अमृत (सर्वोत्तम) : सुबह 07 बजकर 41 मिनट से 09 बजकर 12 मिनट तक।
काल (सामान्य) : सुबह 09 बजकर 12 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक।
शुभ (उत्तम) : सुबह 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 13 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त 23 सितंबर 2026 :
राहुकाल : दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
गुलिक काल : सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
यमगंड : सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 00 मिनट तक रहेगा।
आज का उपाय : आज बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश की विधिवत पूजा करें, उन्हें दूर्वा और मोदक अर्पित करें तथा गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें।